नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मंगलवार को नेपाल यात्रा पर पहुंचे विदेश सचिव विनय क्वात्रा से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा, दोनों देशों के बीच किसी भी तरह के मतभेद को बातचीत के माध्यम से सुलझाया जा सकता है। ओली के विदेश मामलों के सलाहकार राजन भट्टाराई ने बताया, दोनों नेताओं के बीच भारत-नेपाल के द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा हुई। इस दौरान ओली ने कहा, नेपाल और भारत के बीच संबंध बहुत पुराने हैं। इन संबंधों को कूटनीति की आधुनिक शर्तों से परिभाषित नहीं किया जा सकता है।
करीबी दोस्तों के बीच मतभेद स्वाभाविक
बैठक के दौरान ओली ने भारत-नेपाल के संबंधों के बारे में कहा, करीबी दोस्तों के साथ कुछ मतभेद होना स्वाभाविक है और मेरा मानना है कि किसी भी तरह के मतभेदों को बातचीत के शांतिपूर्ण माध्यम से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा, नेपाल और भारत के बीच हुए कई समझौते लागू किए जा चुके हैं और जो पूरे होने बाकी हैं उन्हें समय पर लागू किया जाएगा।
नेपाल के उप प्रधानमंत्री से मिले विदेश सचिव क्वात्रा
विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने नेपाल के उप प्रधानमंत्री नारायणकाजी श्रेष्ठ से भी मुलाकात की। दोनों देशों के बीच रेलवे, संधियों और नेपाल में भारतीय कंपनियों द्वारा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र सहित परियोजनाओं पर चर्चा की।
क्वात्रा ने काठमांडू में सिंह दरबार स्थित कार्यालय में मुलाकात की। वहीं, इस दौरान बताया गया कि दोनों पक्षों की ओर से पिछले साल ऊर्जा क्षेत्र में हुई प्रगति की सराहना की गई है। नेपाल अब 452.6 मेगावाट बिजली भारत को निर्यात कर सकेगा। क्वात्रा व्यापार, बिजली क्षेत्र में सहयोग, कृषि और शिक्षा के साथ बातचीत के लिए नेपाल के दौरे पर हैं। एजेंसी
जयनगर-कुर्था रेलवे का मुद्दा उठाया
मंत्रालय सूत्रों ने बताया, क्वात्रा ने जयनगर-कुर्था रेलवे के नवीनीकरण का मुद्दा उठाया, जिसे भारतीय कंपनी संचालित कर रही है। इसकी समय सीमा खत्म होने वाली है। प्रस्तावित रक्सौल-काठमांडू रेल लिंक पर आगे के कदम उठाने पर जोर दिया गया।