नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने कैबिनेट का तीसरा विस्तार करते हुए बाबलू गुप्ता और सुधा गौतम को मंत्री बनाया। गुप्ता को युवा और खेल, जबकि गौतम को स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय का प्रभार मिला।
नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने रविवार को अपनी सरकार में दो नए मंत्रियों को शामिल कर कैबिनेट का तीसरा विस्तार किया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने एक विशेष समारोह में मंत्रियों को शपथ दिलाई। इस कदम से नेपाल की अंतरिम सरकार में नई ऊर्जा और प्रशासनिक स्थिरता लाने की कोशिश की जा रही है।
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राष्ट्रपति कार्यालय के सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री की सिफारिश पर बब्लू गुप्ता और सुधा गौतम को शपथ दिलाई गई। बब्लू गुप्ता को युवा और खेल मंत्रालय का प्रभार दिया गया, जबकि सुधा गौतम को स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय की जिम्मेदारी मिली। इसके साथ ही कैबिनेट में कुल दस मंत्री शामिल हो गए हैं।
क्यों किया गया कैबिनेट विस्तार?
इस कैबिनेट विस्तार का महत्व इस लिए भी है क्योंकि सुशिला कार्की को 12 सितंबर को नेपाल के तत्कालीन प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के इस्तीफे के बाद अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था। हाल ही में सितंबर में हुई दो दिनों की जनरेशन जेड की प्रदर्शन गतिविधियों ने देश में राजनीतिक अस्थिरता को उजागर किया था। नई नियुक्तियों से सरकार को जनता के साथ बेहतर संपर्क बनाने और प्रशासनिक कामकाज में तेजी लाने की उम्मीद है।
इसलिए शामिल किए गए नए मंत्री
सुशिला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में अगले आम चुनाव तक सरकार का संचालन करेंगी। नेपाल में आम चुनाव पांच मार्च को होने की संभावना है। इस दौरान सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखना, जनता की समस्याओं का समाधान करना और चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराना होगा। नए मंत्रियों के शामिल होने से सरकारी कार्यों में सक्रियता बढ़ेगी और युवा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में विशेष ध्यान देने की संभावना है।
सरकार की प्राथमिकताएं
विशेषज्ञों का मानना है कि बाबलू गुप्ता और सुधा गौतम की नियुक्ति से सरकार को सामाजिक और युवा नीतियों में नई दिशा मिल सकती है। युवा और खेल मंत्रालय देश के नए सशक्त युवा निर्माण पर ध्यान देगा, जबकि स्वास्थ्य और जनसंख्या मंत्रालय स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और जनसंख्या नियंत्रण पर काम करेगा। यह कदम सरकार की प्रभावशीलता बढ़ाने और आगामी चुनाव तक जनता का भरोसा बनाए रखने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।