ानेपाल के एवरेस्ट क्षेत्र में थामे के मशहूर शेरपा गांव को संभवत: हिमनद झील फटने के कारण बड़ी मात्रा में अचानक पानी बह जाने के बाद शुक्रवार को भारी बाढ़ का सामना करना पड़ा। इसके कारण यहां के आधे से अधिक घर तबाह हो गए जो अब कीचड़ और गाद से ढक गए हैं।
थामे नदी में बाढ़ आने के कारण हुई तबाही
स्थानीय मीडिया ने जिला पुलिस कार्यालय, सोलुखुम्बू के पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) द्वारिका प्रसाद घिमिरे के हवाले से कहा कि तीन घर और एक होटल नष्ट हो गए हैं और पांच अन्य खतरे में हैं। यह क्षति दूधकोशी नदी की सहायक नदियों में से एक थामे नदी में बाढ़ आने के कारण हुई। अधिकारियों ने निचले हिस्से के निवासियों को अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दी है।
थेंग्बो ग्लेशियर के नीचे की झीलों में हुआ विस्फोट
एक स्थानीय अखबार ने थामे के थामेछो किदुग के मिंगमा शेरपा के हवाले से कहा, थेंग्बो ग्लेशियर के नीचे की झीलों में आज दोपहर बड़ा विस्फोट हुआ, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ और भूस्खलन आया। थामे गांव का आधे से ज्यादा हिस्सा प्रभावित हुआ है।
ताशी लाप्चा दर्रे के पास थेंगबो झील से आई बाढ़ ने उस गांव को प्रभावित किया जो प्रसिद्ध पर्वतारोही शेरपा तेनजिंग नोर्गे के जन्मस्थान के रूप में प्रसिद्ध है। तेनजिंग नोर्गे ने मई 1953 में न्यूजीलैंड के एडमंड हिलेरी के साथ दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को सबसे पहले फतह किया था।
प्रभावित इलाके में बारिश जारी- मुख्य जिला अधिकारी
वहीं काठमांडू पोस्ट अखबार ने मुख्य जिला अधिकारी देवी पांडे के हवाले से कहा, हालांकि हिमनद झील के फटने की अफवाहें हैं, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि प्रभावित इलाके में बारिश हो रही है, जो बाढ़ का कारण हो सकती है। उन्होंने कहा कि नुकसान की मात्रा का अभी आकलन किया जा रहा है।
दूधकोशी नदी के पास की निचली बस्तियों को किया गया सतर्क
नामचे बाजार के पास खुम्बू घाटी में समुद्र तल से लगभग 12,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित यह गांव, जो एवरेस्ट क्षेत्र के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है, अपा शेरपा, कामी रीता शेरपा और लकपा रीता शेरपा समेत रिकॉर्ड तोड़ने वाले कई अन्य एवरेस्ट पर्वतारोहियों का भी घर है। उन्होंने बताया कि दूधकोशी नदी के पास की निचली बस्तियों को सतर्क कर दिया गया है।