साल 2025 में जेन-जी के विरोध प्रदर्शन के बाद नेपाल में पहला आम चुनाव हो चुका है। पड़ोसी देश में आज आम चुनाव के परिणाम आने वाले हैं। नेपाल में प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स) के लिए हुए चुनावों के शुरुआती नतीजे आने शुरू हो गए हैं। इन रुझानों में बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) ने सबको चौंकाते हुए 23 सीटों पर बढ़त बना ली है। वहीं, देश की पुरानी और बड़ी पार्टियां जैसे नेपाली कांग्रेस और सीपीए-यूएमएल फिलहाल सिर्फ तीन-तीन सीटों पर ही आगे चल रही हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार, वोटों की गिनती गुरुवार देर रात शुरू हुई। शुक्रवार रात तक गिनती का काम पूरा की उम्मीद है। नेपाल में गुरुवार को हुए मतदान में करीब 60 प्रतिशत वोटिंग हुई। यह चुनाव नेपाल के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि पिछले साल केपी शर्मा ओली की गठबंधन सरकार को हटाने के लिए युवाओं (जेन-जी) ने हिंसक विरोध प्रदर्शन किए थे। उस बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल के बाद देश में यह पहला चुनाव है। शुरुआती रुझान संकेत दे रहे हैं कि जनता इस बार पारंपरिक पार्टियों के मुकाबले नए चेहरों पर ज्यादा भरोसा जता रही है।
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भारत भी अपने पड़ोसी देश नेपाल में हो रहे चुनावों के नतीजों पर करीब से नजर रख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा नेपाल में शांति, तरक्की और स्थिरता का समर्थन किया है। भारत सरकार नेपाल की नई बनने वाली सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक है। प्रवक्ता ने बताया कि दोनों देशों के बीच बहुत पुराने और मजबूत रिश्ते हैं। भारत इन संबंधों को और आगे ले जाना चाहता है ताकि दोनों देशों के लोगों को इसका फायदा मिल सके। नेपाल में चुनाव प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करने में भी भारत ने मदद की है। भारत ने इन चुनावों के लिए जरूरी रसद और अन्य सामान उपलब्ध कराया था।
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