नेपाल के विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावाली ने सोमवार को बयान दिया है कि हम जम्मू-कश्मीर के घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। हम चाहते हैं कि वहां शांति बनी रहे। सदस्य देशों में कोई भी विवाद, शांतिपूर्ण संवाद के जरिए सुलझाया जा सकता है। हमें विश्वास है कि इस क्षेत्र में शांति और सौहार्द कायम रहेगा और किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं होगा।
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब विदेश मंत्री एस. जयशंकर द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिति की समीक्षा करने के उद्देश्य से ‘नेपाल-भारत संयुक्त आयोग’ की पांचवीं बैठक में हिस्सा लेने इस सप्ताह नेपाल पहुंचेंगे। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि बैठक 21-22 अगस्त को काठमांडू में होगी।
जयशंकर नेपाल के अपने समकक्ष प्रदीप कुमार ग्यावाली के साथ इस बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे। बयान में कहा गया है कि संयुक्त बैठक में द्विपक्षीय संबंधों की समग्र स्थिति, जैसे कनेक्टिविटी और आर्थिक साझेदारी, व्यापार और पारगमन, बिजली और जल संसाधन क्षेत्रों, संस्कृति, शिक्षा और आपसी हित सहित अन्य मामलों की समीक्षा की जाएगी।
नेपाल-भारत संयुक्त आयोग’ की स्थापना 1987 में हुई थी। इसकी बैठकें नेपाल और भारत में बारी-बारी से की जाती हैं। आखिरी बैठक अक्टूबर 2016 में नई दिल्ली में हुई थी। इस यात्रा के दौरान जयशंकर नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी और प्रधानमंत्री के पी ओली से भी मुलाकात करेंगे।
बयान में कहा गया है कि ग्यावाली भारत के विदेश मंत्री के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन भी करेंगे। बयान के अनुसार जयशंकर 21 अगस्त को काठमांडू पहुंचेंगे और 22 अगस्त को भारत लौट आएंगे।