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चमत्कार या घर की बनावट?: बड़े पत्थरों और मलबे की मार से भी टस से मस नहीं हुई ये इमारत, सामने आई संभावित वजह

Mon, 31 Aug 2026 05:00 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो

सार

नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने कई गांवों और बस्तियों को तबाह कर दिया। पानी के साथ बड़े पत्थर, मिट्टी और मलबा तेज रफ्तार से बहा। इसी बीच एक हरे रंग का घर सुरक्षित खड़ा नजर आया। घर के आसपास की इमारतें बर्बाद हो गईं, लेकिन यह ढांचा नहीं गिरा। क्या यह सिर्फ किस्मत थी या घर की बनावट ने इसे बचाने में बड़ी भूमिका निभाई। आइए, विस्तार से समझते है कि ये घर कैसे बचा...
 
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करिश्मा या घर की बनावट? - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े इलाके में भारी तबाही मचाई। बाढ़ का पानी अपने साथ चट्टानें, मिट्टी और भारी मलबा लेकर आया और रास्ते में आने वाली सभी इमारतों को ढहाता और नुकसान पहुंचाता चला गया। इसी दौरान एक हरे रंग का घर ऐसा था, जो इस भयानक बहाव के बीच भी खड़ा रहा।
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कई वीडियों में तो घर की बालकनी में उसके निवासी भी दिखाई दिए। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोग पूछ रहे हैं कि आखिर आसपास की इमारतें ढह गईं, लेकिन यह घर कैसे बच गया। इस पर आर्किटेक्चर प्रेजेंटेशन नाम के एक एक्स अकाउंट ने एक वीडियो जारी किया है और बताया है कि आखिर ये घर कैसे बचा?

क्या यह सिर्फ करिश्मा था या घर की बनावट ने बचाया?

वायरल वीडियो में घर के आसपास तबाही का मंजर दिखाई देता है। चारों तरफ पानी, मिट्टी, पत्थर और मलबा नजर आता है, लेकिन हरा घर अपनी जगह खड़ा है। उस अकउंट द्वारा जारी किए गए वीडियो में दावा किया कि इसे केवल किस्मत का नतीजा नहीं माना जा सकता। उसके अनुसार घर की संरचना, उसकी जगह और बाढ़ के बहाव की दिशा ने इसे बचाने में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि, यह संभावित तकनीकी व्याख्या है, कोई आधिकारिक जांच का निष्कर्ष नहीं।

कंक्रीट के ढांचे ने बाढ़ के दबाव को कैसे संभाला?

वीडियो में बताया गया कि हिमालयी इलाकों में कई पारंपरिक घर बिना मजबूत लोहे के ढांचे वाली पत्थर की चिनाई से बने होते हैं। ऐसे घर ऊपर से पड़ने वाले वजन को तो संभाल सकते हैं, लेकिन बगल से आने वाले तेज दबाव में उनकी दीवारें कमजोर पड़ सकती हैं। इसके विपरीत, इस घर में मजबूत कंक्रीट फ्रेम होने की बात कही गई है। इसमें लोहे की सरिया से खंभों, बीम और नींव को आपस में जोड़ा गया था। इससे बाढ़ के पानी और मलबे का बगल से आया दबाव पूरे ढांचे में बंटकर जमीन तक पहुंच सकता था।
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ये भी पढ़ें- नेपाल बाढ़: मलबा हटा और जमीन से निकला 50 करोड़ का सोना, 1.5 करोड़ नकद भी बरामद; पुलिस ने जारी किया वीडियो

क्या घर की जगह और आकार ने भी इसे बचाया?

वीडियो में दी गई व्याख्या के अनुसार केवल मजबूत निर्माण ही इसकी वजह नहीं हो सकता। घर मुख्य बहाव की सबसे गहरी धारा से थोड़ा हटकर और कुछ ऊंची जमीन पर स्थित था। बाढ़ में सबसे भारी पत्थर और मलबा आम तौर पर पानी के मुख्य रास्ते में ज्यादा तेजी से आगे बढ़ते हैं। घर का आकार भी ऐसा था कि पानी और मलबा उसके दोनों ओर से निकल गया। इसके बाद जमा हुई मिट्टी ने घर के आसपास एक प्राकृतिक रैंप जैसा बना दिया, जिसने बाद में आने वाले पानी का रुख इमारत से दूर करने में मदद की होगी।

आसपास की इमारतें क्यों ढह गईं और यह घर क्यों बचा?

इस घटना से यह साफ होता है कि बाढ़ के दौरान किसी इमारत पर सिर्फ पानी का दबाव नहीं पड़ता, बल्कि उसके साथ बहने वाले पत्थर और मलबा भी बड़ा खतरा बनते हैं। जिन इमारतों का ढांचा ऐसे दबाव को सहने के लिए मजबूत नहीं होता, उन्हें ज्यादा नुकसान हो सकता है। इस घर के मामले में मजबूत कंक्रीट ढांचा, मुख्य बहाव से थोड़ी अलग स्थिति, जमीन की ऊंचाई और पानी के दोनों तरफ से निकलने जैसी परिस्थितियां एक साथ आईं। इसी वजह से यह घर बाकी इलाके में हुई तबाही के बीच खड़ा दिखाई दिया।

नेपाल की इस बाढ़ में कितनी बड़ी तबाही हुई?

26 अगस्त की बाढ़ ने नेपाल के कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार नेपाल, तिब्बत और चीन में 900 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है और 5,000 से अधिक लोग लापता बताए गए हैं। ऐसे में मलबे और तेज पानी के बीच सुरक्षित खड़ा यह घर लोगों के लिए हैरानी का कारण बना हुआ है। फिलहाल इसके बचने की वजह को लेकर सामने आई जानकारी संभावित तकनीकी विश्लेषण पर आधारित है।
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