दरम्यानी रात नेपाल में आए भूकंप ने पूरे उत्तर भारत को हिला कर रख दिया। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन से 10 किलोमीटर नीचे इसका केंद्र पिथौरागढ़ से 90 किलोमीटर दूर पूर्व-दक्षिण-पूर्व की तरफ नेपाल में था। इसकी तीव्रता 6.6 रही, जो नेपाल में इस साल आया सबसे ज्यादा तीव्रता का भूकंप था।
नेपाल के सीस्मोलॉजी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, दो दिनों में तीसरी बार भूकंप के झटके महसूस हुए। देर रात आए भूकंप से पहले पहले मंगलवार को दोती जिले में स्थानीय समयानुसार करीब 9 बजकर 56 मिनट पर 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। वहीं, 9 बजकर 7 मिनट पर 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था। ये झटके भी दोती जिले में ही महसूस किए गए।
दोती जिले की चीफ डिस्ट्रिक ऑफिसर कल्पना श्रेष्ठा ने बताया, छह लोगों की मौत के अलावा पांच लोगों के घायल होने की सूचना मिली थी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं अलग-अलग जगहों पर एक दर्जन से ज्यादा घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं मृतकों में एक महिला व दो बच्चे शामिल हैं। हालांकि, उनकी पहचान किया जाना बाकी है।
नेपाल में आए इस भूकंप के बाद सेना को बुलाना पड़ गया। अधिकारियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान की सूचना है। अभी तक जिन घरों के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी मिली है, वहां सेना व अन्य राहत टीमों के द्वारा बचाव अभियान चलाया जा रहा है। इसके अलावा अन्य जगहों पर भी हुए नुकसान की जानकारी ली जा रही है।
भूकंप के बाद नेपाली पीएम ने ट्वीट कर कहा, भूकंप में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। मैंने संबंधित एजेंसियों को प्रभावित क्षेत्रों में घायलों और पीड़ितों के तत्काल और उचित उपचार की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है।
नेपाल में इस साल 28 भूकंप आए हैं। इसमें सबसे ज्यादा तीव्रता का भूकंप कल रात आया। इससे पहले 31 जुलाई 2022 को खोतांग जिले में 6.0 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके अलावा 19 अक्तूबर को भी 5.9 तीव्रता के झटके महसूस किए गए थे।