फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेपाल में बड़ा हादसा: भूस्खलन के कारण 17 लोगों की दर्दनाक मौत, 10 लापता, 10 को बचाया गया

Sun, 18 Sep 2022 12:06 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू

सार

पश्चिम नेपाल के अछाम जिले से बड़े हादसे की खबर आ रही है जहां विभिन्न जगह पर भूस्खलन के कारण कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई है।
विज्ञापन
भूस्खलन(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नेपाल के अछाम जिले के विभिन्न हिस्सों में शनिवार को हुए भूस्खलन में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य लापता हो गए। उप मुख्य जिला अधिकारी दीपेश रिजाल ने बताया कि 10 अन्य लोगों को बचा लिया गया है, जबकि कई लोग मलबे में दबे हुए हैं।

विज्ञापन


बता दें कि क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण बिजली और सड़क बाधित हैं। इस कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। गृह मंत्री बालकृष्ण खंड ने आपदा को देखते हुए लापता लोगों की खोज और बचाव कार्यों के लिए हेलिकॉप्टर तैनात करने के आदेश दिए हैं। 

लगातार बारिश के कारण लस्कू और महाकाली नदियों में बाढ़ आ गई, जिसके कारण कई घर और दो पुलों बाढ़ में बह गए। नेपाल के धारचुला जिले के बंगबगड़ इलाके में पिछले शनिवार को आई बाढ़ और भूस्खलन में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और 11 लापता हो गए थे।
विज्ञापन


कांद्रा व पथरिया नदियों में बाढ़ से कई घर जलमग्न
नेपाल के पूर्वी कैलाली में एक दिन पहले शुक्रवार से लगातार बारिश हो रही है। इस कारण करीब 600 घर पानी में डूब गए हैं। कांद्रा और पथरिया नदियों में बाढ़ आने और बस्ती में पानी घुसने से 500 घर जलमग्न हो गए। 

भजनी नगर पालिका-8 में पथरिया नदी का पानी बस्ती में घुसने से करीब 160 घरों में पानी भर गया है। सोनाफंटा टोल, दलाईखी टोल, भारतन टोल, जनकपुर टोल और छछरहावा टोल में भी बाढ़ आ गई है। इसी तरह कांद्रा नदी में जलस्तर बढ़ने से मिलनपुर टोल, लालबोझी और पुलियापुर टोल के 250 घर जलमग्न हो गए हैं।

पाकिस्तान : बाढ़ में 1.6 करोड़ बच्चे प्रभावित
यूनिसेफ ने कहा है कि पाकिस्तान में आई बाढ़ से करीब 1.6 करोड़ बच्चे प्रभावित हुए हैं। इनमें करीब 34 लाख बच्चों को तत्काल जीवन रक्षक मदद देना जरूरी है। संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय बाल आपातकालीन कोष (यूनिसेफ) के प्रतिनिधि अब्दुल्ला फादिल ने कहा कि देश के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हालात काफी गंभीर हैं। यहां कुपोषित बच्चे दस्त, डेंगू, बुखार और कई दर्दनाक त्वचा रोगों से जूझ रहे हैं। सिंध प्रांत में ही 528 बच्चे मारे गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें