ब्राजील में ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ब्रिक्स देश मिलकर ऐसा सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाएं जो विविधता और मानवता को गहरा करे। साथ ही साझा मूल्यों में प्रगति को आधार प्रदान करे।
भारत ने ब्रिक्स देशों से सभ्यागत नेतृत्व करने का भी आह्वान किया है। ब्राजील में ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की बैठक में केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि ब्रिक्स देश मिलकर ऐसा सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र बनाएं जो विविधता और मानवता को गहरा करे। साथ ही साझा मूल्यों में प्रगति को आधार प्रदान करे।
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ब्रासीलिया में आयोजित बैठक में शेखावत ने सांस्कृतिक संपत्ति के अवैध ऑनलाइन व्यापार पर भी चिंता जताई। एक्स पर एक पोस्ट में केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन की रूपरेखा और कुछ तस्वीरें साझा कीं।
केंद्रीय मंत्री ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि ब्राजील में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की सभा को संबोधित किया। न्याय, नवाचार और विरासत में निहित सांस्कृतिक सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। समावेशी विकास के चालक के रूप में रचनात्मक अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने से लेकर नैतिक एआई, मजबूत डिजिटल सुरक्षा उपायों और स्वदेशी ज्ञान के माध्यम से जलवायु लचीलापन की वकालत करने तक भारत ने संस्कृति को सतत विकास के केंद्र में रखा है।
शेखावत ने कहा कि उन्होंने ब्रिक्स से न केवल भू-राजनीतिक, बल्कि सभ्यतागत रूप से नेतृत्व करने का आह्वान किया। साथ ही सांस्कृतिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करने का आह्वान किया, जो विविधता का जश्न मनाए, मानवता को गहरा करे और साझा मूल्यों में प्रगति को आधार प्रदान करे।
पोस्ट में शेखावत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 2014 से 642 विरासत वस्तुओं को पुनः प्राप्त किया है। यह न केवल वापसी, बल्कि न्याय का कार्य जो स्मृति, गरिमा और बहुपक्षीय विश्वास को बहाल करता है। विकास भी, विरासत भी। विकास और विरासत को साथ-साथ चलना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत सभी ब्रिक्स साझेदारों के साथ इस यात्रा पर चलने के लिए तैयार है।