भारत और सऊदी अरब अपना पहला संयुक्त नौसैनिक अभ्यास अगले वर्ष मार्च महीने के पहले सप्ताह में करेंगे। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को बताया कि दोनों पक्ष रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रों में आपसी सहयोग को बढ़ाने को ध्यान में रख कर यह कदम उठा रहे हैं। इस बारे में जानकारी रखने वाले एक भारतीय सूत्र ने कहा कि प्रस्तावित अभ्यासों की तैयारी को लेकर एक बैठक इस महीने की शुरुआत में भारत में हुई थी। ऐसी एक अन्य बैठक अब दिसंबर में होगी। खाड़ी का यह देश पश्चिमी हिंद महासागर में भारत के साथ अपने समुद्री सहयोग को बढ़ाना चाहता है।
इस जल क्षेत्र में लाल सागर, अदन की खाड़ी, अरब सागर, ओमान की खाड़ी और फारस की खाड़ी जैसे व्यस्त और संवेदनशील समुद्री मार्ग आते हैं। हाल ही में सऊदी अरब की राष्ट्रीय पेट्रोलियम कंपनी सऊदी अरामको के तेल प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल से हमले हुए हैं। भारत ने इन हमलों की निंदा की है और आतंकवाद का हर रूप का मुकाबला करने का अपना संकल्प दोहराया है। सूत्रों का कहना है कि दोनों पक्ष शुद्ध रूप से खरीदार और विक्रेताओं के संबंध से आगे और करीबी रणनीतिक साझेदार बनने की दिशा में बढ़ रहे हैं।