नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से फरवरी 2027 में इंडिगो की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। कंपनी मुंबई के पुराने एयरपोर्ट से 12 दैनिक उड़ानें स्थानांतरित करेगी और काठमांडू के लिए रोजाना नई सेवा शुरू करेगी। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कनेक्टिविटी भी बढ़ेगी। लेकिन किन शहरों के लिए उड़ानें मिलेंगी? क्या नए एयरपोर्ट से विदेश जाना आसान होगा और पुराने एयरपोर्ट पर दबाव घटेगा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
मुंबई और आसपास के इलाकों से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए फरवरी 2027 से हवाई यात्रा के नए विकल्प खुलने वाले हैं। इंडिगो और अडानी एयरपोर्ट्स ने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार करने की योजना बनाई है। इसके तहत इंडिगो की 12 दैनिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नवी मुंबई एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जाएगा। यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से होगा।
क्या घरेलू उड़ानों से भी जुड़ सकेंगे यात्री?
यात्रियों को नए एयरपोर्ट पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के बीच कनेक्टिविटी देने की भी योजना है। इसके लिए इंडिगो अपनी अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को सहयोग देने वाली घरेलू उड़ानों को भी छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट से नवी मुंबई स्थानांतरित करेगी। दोनों कंपनियां यात्रियों के एक विमान से उतरकर दूसरी उड़ान पकड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए जरूरी सुविधाओं और संचालन की व्यवस्था पर काम कर रही हैं। इससे उन यात्रियों को फायदा मिल सकता है, जिन्हें देश के किसी दूसरे शहर से नवी मुंबई पहुंचकर विदेश जाना है। टिकट बुक करते समय यात्रियों को यह जरूर देखना होगा कि उनकी उड़ान किस एयरपोर्ट से संचालित होगी।
मुंबई के पुराने एयरपोर्ट पर क्या असर पड़ेगा?
इस बदलाव का उद्देश्य मुंबई महानगर क्षेत्र के दोनों हवाई अड्डों के बीच उड़ानों का दबाव बांटना है। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उपलब्ध क्षमता सीमित होने के कारण नवी मुंबई एयरपोर्ट का विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इंडिगो की कुछ उड़ानें स्थानांतरित होने से पुराने एयरपोर्ट पर जगह उपलब्ध होगी। इससे एयरलाइन को 2027 में एशिया, अफ्रीका और यूरोप के लिए नई अंतरराष्ट्रीय सेवाएं शुरू करने में मदद मिलेगी। साथ ही, पुराने एयरपोर्ट के टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के लिए जरूरी क्षमता में कमी को समायोजित करने में सहायता मिलेगी। दोनों कंपनियां टर्मिनल-1 के काम के दौरान जरूरत पड़ने पर इंडिगो की सेवाओं को टर्मिनल-2 में समायोजित करने के लिए भी मिलकर काम करेंगी।
इंडिगो और अडानी एयरपोर्ट्स की आगे की योजना क्या है?
इंडिगो और अडानी एयरपोर्ट्स उड़ानों को चरणबद्ध तरीके से स्थानांतरित करेंगे, ताकि यात्रियों और एयरलाइनों को कम से कम परेशानी हो। योजना में छत्रपति शिवाजी महाराज एयरपोर्ट पर अलग-अलग एयरलाइनों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए दोनों हवाई अड्डों के बीच संचालन संतुलित करना शामिल है। इंडिगो के पास 430 से अधिक विमान हैं और कंपनी रोजाना करीब 2,200 उड़ानें संचालित करती है। उसका नेटवर्क 95 से अधिक घरेलू और 40 अंतरराष्ट्रीय गंतव्यों तक फैला है। अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड, अडानी एंटरप्राइजेज का हिस्सा है और मुंबई तथा नवी मुंबई समेत आठ हवाई अड्डों का संचालन करती है। नवी मुंबई एयरपोर्ट का विस्तार मुंबई क्षेत्र में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा करने और भविष्य में अतिरिक्त उड़ानों के लिए जगह तैयार करने की योजना का हिस्सा है।