अफगानिस्तान को लेकर नाटो ने सोमवार को बड़ा फैसला किया। इस बहुराष्ट्रीय संगठन ने कहा है कि उपयुक्त समय आने तक अफगानिस्तान से उसकी सेनाएं नहीं हटेंगी। क्षेत्र की स्थिरता व शांति के लिहाज से यह महत्वपूर्ण फैसला है।
उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो के महासचिव जेंस स्टॉलटेनबर्ग ने सोमवार को कहा कि वह इस आतंकवादग्रस्त देश से सेनाएं नहीं हटाएगा। इसी सप्ताह नाटो के रक्षामंत्रियों की बैठक होने वाली है। इसके पूर्व यह अहम बयान है। बता दें आतंकवाद से जूझ रहे अफगानिस्तान में हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं।
30 देशों के संगठन नाटो के विदेश मंत्रियों की बुधवार-गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक होने वाली है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन चाहते हैं कि वह मित्र देशों के साथ ट्रंप कार्यकाल में पैदा हुए तनाव को खत्म कर साथ आएं।
इस बैठक का प्रमुख एजेंडा अफगानिस्तान में मौजूद 9600 जवानों के नाटो मिशन का भविष्य तय करना है। बता दें, ट्रंप ने अपने कार्यकाल में तालिबान से समझौता कर वहां से अमेरिकी सेना वापस बुलाने का फैसला किया था।