US-Greenland Row: नाटो महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक में सुरक्षा स्थिति पर बात की। मार्क रुटे ने यह भी जानकारी दी कि वह इस हफ्ते दावोस (स्विजरलैंड) में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात करेंगे।
ग्रीनलैंड पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी मंशा पूरी दुनिया को बता चुके हैं। इसी के साथ ट्रंप ने यूरोपीय संघ (ईयू) के आठ सदस्य देशों पर अगले महीने से दस फीसदी टैरिफ लगाने का एलान भी किया है। इस बीच नाटो महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिका राष्ट्रपति से बात की और इस हफ्ते दावोस (स्विजरलैंड) में मुलाकात की भी उम्मीद जताई।
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मार्क रुटे ने बताया कि उन्होंने ट्रंप से ग्रीनलैंड और आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को लेकर बातचीत की है। यह बातचीत ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका ने डेनमार्क और यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की चेतावनी दी है। मार्क रुटे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि इस सप्ताह दावोस में उनकी राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात भी होने वाली है।
जानिए मार्क रूटे ने क्या बताया?
उन्होंने अपने एक्स पर लिखा, 'ग्रीनलैंड और आर्कटिक की सुरक्षा स्थिति को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप से बात हुई है। इस दिशा में काम जारी रहेगा और मैं दावोस में उनसे मिलने को लेकर उत्सुक हूं।' हालांकि, रुटे ने बातचीत के विस्तृत ब्योरे साझा नहीं किया।
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यूरोपीय देशों का डेनमार्क और ग्रीनलैंड का समर्थन
इस बीच कई यूरोपीय देश एक साथ आए हैं और डेनमार्क और ग्रीनलैंड के साथ समर्थन और एकजुटता व्यक्त की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ यूरोपीय देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी है जब तक कि उन्हें ग्रीनलैंड हासिल करने की अनुमति नहीं मिल जाती।
डेनमार्क, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और यूनाइटेड किंगडम द्वारा जारी एक संयुक्त बयान, जिसे डेनिश विदेश मंत्रालय ने साझा किया उसमें उल्लेख किया गया है कि 'आर्कटिक एंड्योरेंस' किसी के लिए खतरा नहीं है और ये देश डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों के साथ पूरी एकजुटता से खड़े हैं। बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि टैरिफ की धमकी ट्रांसअटलांटिक संबंधों को कमजोर करती है और खतरनाक गिरावट का जोखिम पैदा करती है।