बाइडन ने किए गर्भपात पर रोक लगाने के आदेश पर हस्ताक्षर
राष्ट्रपति जो बाइडन ने देश में गर्भपात पर रोक लगाने के शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। हालांकि, उन्होंने गर्भपात के सांविधानिक अधिकार पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश की आलोचना करते हुए लोगों से इस फैसले से निराश न होने की अपील की।
बाइडन ने कहा कि गर्भपात के अधिकार को कायम रखने का सबसे त्वरित तरीका एक राष्ट्रीय कानून पारित करना है। इसके लिए मतदान कराने की चुनौती है। अच्छी बात यह है कि नवंबर में चुनाव होने वाले हैं। शासकीय आदेश पर बाइडन के हस्ताक्षर के बाद न्याय मंत्रालय और स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्रालय को महिलाओं को गर्भपात कराने या उन राज्यों की यात्रा करने से रोकने का अधिकार मिल गया है, जहां गर्भपात कराने पर पूरी तरह से पाबंदी नहीं है। अमेरिका के कुछ राज्यों में अब भी गर्भपात की अनुमति है, लेकिन इसके लिए कड़ी शर्तों का पालन करना होगा।
फ्रांस में भी महिलाओं ने दिया गर्भपात अधिकार की मजबूती पर जोर
यद्यपि फ्रांस में गर्भपात का अधिकार 47 वर्षों से कानून में अंकित है और इसके खत्म होने की आशंका नहीं है। लेकिन बड़ी संख्या में महिलाएं पूछ रही हैं कि क्या अमेरिका में जो कुछ हुआ वह यहां कभी हो सकता है? खतरे की आशंका टालने के लिए महिलाओं में संविधान के भीतर प्रस्ताव देने की मांग उठ रही है। इसके तहत गर्भपात के अधिकार की मजबूती पर जोर दिया जाएगा।
पाकिस्तान में गैस की कीमतों में 235 फीसदी की वृद्धि
देश की बिगड़ती अर्थव्यवस्था के बीच पाकिस्तान में शहबाज शरीफ सरकार ने 1 जुलाई से प्राकृतिक गैस की कीमतों में 43 प्रतिशत से 235 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। अब अधिकांश घरेलू व अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं से सरकार 660 अरब पाकिस्तानी रुपये वसूलेगी।
डॉन अखबार ने स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के हवाले से बताया कि जून 2021 में सरकार का कुल कर्ज 387.04 खरब पाकिस्तानी रुपये था, जो मई में बढ़कर 446.38 खरब हो गया। देश में नकदी संकट के बीच बीते 11 माह में पाकिस्तान सरकार का कुल कर्ज भी 15.3 फीसदी बढ़ चुका है। पेट्रोलियम राज्यमंत्री मुसादिक मलिक ने कहा, करीब आधे घरेलू उपभोक्ताओं को गैस की कीमतों में उछाल से बचाया गया है, लेकिन उच्च वर्ग पर बोझ काफी बढ़ा है।