वैज्ञानिकों ने हमारे अपने सौर मंडल के बाहर महज 31 प्रकाश वर्ष की दूरी पर एक सुपर अर्थ की खोज की है। उन्होंने धरती से दूर पहली संभावित रहने योग्य दुनिया की विशेषता बताते हुए कहा कि इस ग्रह पर जीवन के संकेत मिले हैं।
एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स में प्रकाशित शोध के अनुसार, सुपर-अर्थ प्लैनेट ‘जीजेड 357 डी’ की खोज नासा के ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (टीईएसएस) ने 2019 की शुरुआत में की थी। टीईएसएस दो साल के मिशन पर अंतरिक्ष में भेजा गया है। इस मिशन का लक्ष्य अब तक ज्ञात एक्सोप्लेनेट यानी बाहरी ग्रहों की सूची को और बड़ा करना है।
अमेरिका में कॉर्नेल विश्वविद्यालय में खगोल विज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर और टीईएसएस विज्ञान टीम का एक सदस्य लिसा कल्टेनेग ने बताया कि ‘यह रोमांचक है, क्योंकि टीईएसएस की मदद से एक विशाल पहुंच के साथ छोटा और पहला नजदीकी सुपर-अर्थ है, जिसमें जीवन की संभावना हो सकती है। यह मानवता का मिशन है।’ एक्सोप्लैनेट हमारे अपने नीले ग्रह की तुलना में अधिक बड़ा है, और कल्टेनेगर ने कहा कि इस खोज से पृथ्वी के भारी वजन वाले अन्य ग्रहों की जानकारी मिलेगी।
जुलाई 2020 में यूएई करेगा मंगल ग्रह पर अपना पहला अंतरिक्ष यान लॉन्च
यूएई ने घोषणा की है कि वह जुलाई 2020 में दुनिया के पहले अंतरिक्ष यान ‘होप प्रोब’ को लॉन्च करेगा। ‘होप प्रोब’ संयुक्त अरब अमीरात का महत्वाकांक्षी मिशन है, इस मिशन के तहत अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के लिए भेजा जायेगा। अंतरिक्ष कार्यक्रम एमिरेट्स मार्स मिशन (ईएमएम) का उद्देश्य मंगल ग्रह पर मौसम संबंधी जानकारी एकत्र करना और हाइड्रोजन और ऑक्सीजन गैसों के नुकसान के कारणों का अध्ययन करना है।
यूएई स्पेस एजेंसी (यूएईएसए) और मोहम्मद बिन राशिद स्पेस सेंटर (एमबीआरएससी) द्वारा हाल ही में जारी एक संयुक्त प्रेस बयान के अनुसार, यदि मिशन सफल रहा, तो लाल ग्रह के वायुमंडल की तस्वीर लेने वाला यह पहला अंतरिक्ष अन्वेषण कार्यक्रम बन जाएगा। इस मिशन के बाद यूएई मंगल ग्रह के लिए मिशन भेजने वाला पहला अरब तथा मुस्लिम देश बन जाएगा।