लाल ग्रह के लिए नासा का मिशन आगामी वर्ष में अंतरिक्ष के भीतर अहम खोजों का गवाह बनने वाला है। अगले साल मंगल पर जाने वाला नासा का रोवर न केवल वहां पर प्राचीन जीवन के सबूत ढूंढेगा बल्कि भविष्य के मानव मिशनों का रास्ता भी साफ करेगा। नासा के वैज्ञानिकों ने रोवर का अनावरण करते हुए यह बात कही। नासा के वैज्ञानिकों ने बताया है कि जीवन के प्रमाण तलाशने वाला यह खास किस्म का रोवर लॉस एंजिलिस के पास पसाडेना स्थित जेट प्रपल्शन लैबोरेटरी के विशाल कक्ष में विकसित किया गया है।
पिछले सप्ताह इसके चालक उपकरण का सफल परीक्षण किया गया है। यह रोवर जुलाई 2020 में फ्लोरिडा के केप केनावरल से अंतरिक्ष में रवाना होगा। इसी के साथ यह मंगल ग्रह पर उतरने वाला पांचवां अमेरिकी रोवर बन जाएगा। मिशन के उप प्रमुख मैट वैलेस ने कहा, इसे जीवन के निशान ढूंढने के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया है। इसके साथ विभिन्न उपकरण भी भेजे जा रहे हैं, जो मंगल की सतह पर भौगोलिक एवं रसायनिक संदर्भों को समझने में मदद करेंगे।
शक्तिशाली उपकरणों से लैस
नासा द्वारा अगले साल भेजे जाने वाले मंगल मिशन में जिस रोवर का इस्तेमाल किया जा रहा है उसके उपकरणों में 23 कैमरे हैं, दो श्रवण यंत्र हैं और कई तरह के रासायनिक विश्लेषणों के लिए लेजर हैं। इसमें लगे दो शक्तिशाली श्रवण यंत्र मंगल पर चल रही हवाओं को सुनेंगे। इन उपकरणों से लाल ग्रह की प्रकृति को समझने में मदद मिलेगी।