अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने चार अगस्त को लेबनान की राजधानी बैरूत में हुए बम धमाके का अध्ययन करने के लिए सैटेलाइट उत्पन्न डाटा का इस्तेमाल किया है। इस हादसे में 163 लोग मारे गए थे। नासा की एडवांस रैपिड इमेजिंग एंड एनालिसिस टीम ने सिंगापुर के अर्थ ऑब्सर्वेटरी के सहयोग के साथ ये डाटा निकाला है।
इन दोनों विभागों ने बैरूत में हुए विस्फोट का विश्लेषण करने के लिए सैटेलाइट उत्पन्न सिंथैटिक अपर्चर रडार तैयार किया ताकि नए नक्शे को बनाया जा सके। नासा ने एक बयान में कहा कि इस तरह के नक्शे बुरी तरह से प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने में मदद करते हैं, जहां लोगों को सहायता की आवश्यकता होती है।
अगर आप नक्शे देखेंगे तो इसमें गहरे लाल रंग वाले पिक्सल, जो बैरूत बंदरगाह के आस-पास मौजूद हैं, वो दिखाते हैं कि ये इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जो इलाके ऑरेंज यानि कि नारंगी रंग में हैं वो मध्यम रूप से नष्ट हुए हैं और जो इलाके पीले रंग में हैं, वहां तुलनात्मक कम क्षति हुई है। हर कलर पिक्सल 30 मीटर के क्षेत्र को दर्शाता है।
इस नक्शे में यूरोपीय स्पेस एजेंसी की ओर से तैयार की गई संसाधित कॉपर्निकस सेंटीनेल डाटा शामिल है। विस्फोट से पैदा हुए विनाश को कई सैटेलाइट पर कैद किया गया है। एक स्काईसैट स्पेसक्राफ्ट, जिसे सैन फ्रांसिस्को की कंपनी प्लेनेट चलाती है ने बैरूत के बंदरगाह की विस्तृत फोटो जानकारी ली है। जिसमें विस्फोट से पहले और बाद के फोटो शामिल हैं।
सैन फ्रांसिस्कों की कंपनी प्लेनेट ने अपने ट्विटर हैंडल से विस्फोट के बाद की फोटो साझा की है।
इसके अलावा कोलोराडो में स्थित स्पेस टेक्नोलॉजी कंपनी मैक्सर ने भी बैरूत में हुए विस्फोट के बाद और पहले की फोटो शेयर की है।
पिछले हफ्ते लेबनान की राजधानी बैरूत के बंदरगाह में एक धमाकेदार विस्फोट हुआ था। अधिकारियों ने बताया था कि ये विस्फोट 2,000 टन के अमोनियम नाइट्रेट की वजह से हुआ, जिसमें 6,000 से ज्यादा लोग घायल हैं और इस विस्फोट से काफी ज्यादा विनाश हुआ है।