नासा के वैज्ञानिक अपॉरच्युनिटी रोवर के 15 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। 90 दिन के लिए मंगल पर भेजे इस बॉट ने 7 जुलाई 2003 को मंगल पर कदम रखा था। 25 जनवरी 2004 को इसने धरती पर पहले सिग्नल भेजे थे। लेकिन अब यह हमेशा के लिए बंद होने की कगार पर है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पिछले साल जून महीने में मंगल पर आए तूफान से इसे नुकसान हुआ और तब से इसका सोलर पैनल सूर्य से ऊर्जा नहीं ग्रहण कर पा रहा है। इस रोवर का संपर्क फिलहाल नासा से टूट चुका है।
रोवर ने उम्मीदों को किया पार
नासा के वैज्ञानिकों के अनुसार 6 पहियों वाले रोवर को मंगल के 90 दिनों के लिए भेजा गया था मगर यह एक दशक से भी ज्यादा समय तक सेवा देता रहा। इसे 1.6 किमी की दूरी तय करनी थी मगर अपने सेवा काल में इसने 45 हजार किमी की दूरी तय कर चुका है। रोवर ने मंगल पर 5000 दिन बिताए।