NASA: तकनीक में सस्ते तरीके इस्तेमाल करने से लेकर निजी एजेंसियों को मदद के लिए नासा ने एजेंसी के सारे केंद्रों और निजी कंपनियों को पत्र लिखा है। यह काम तकनीकी रूप से बेहद जटिल है, इसलिए नासा हरसंभव प्रयास कर रही है।
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अब मंगल ग्रह से मिट्टी के नमूने लाने के सस्ते तरीके खोज रही है। नासा के मुताबिक, कम बजट के कारण अब सस्ते तरीके खोजना उसकी वैज्ञानिक प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है।
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निजी एजेंसियों को मदद के लिए लिखा पत्र
अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी के सारे केंद्रों और निजी कंपनियों को भी इस परियोजना में मदद के लिए एक औपचारिक अनुरोध पत्र भेजा जा रहा है। यह काम तकनीकी रूप से बेहद जटिल है, इसलिए नासा हरसंभव कोशिश कर रही है। मौजूदा तकनीक से जो काम अब तक नहीं हो पा रहा है, उसे उसी तकनीक के इस्तेमाल से कम खर्च में कैसे किया जाएगा। इसमें एक अन्य ग्रह से रॉकेट लॉन्च कर उसे धरती पर लाने जैसा जटिल काम शामिल है।
2027-28 तक भेजा जाएगा तीसरा यान
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तीसरा यान 2027-28 तक भेजा जाएगा और 2030 के दशक की शुरुआत में यह नमूने लेकर धरती पर लौटेगा। इस पूरे अभियान पर करीब 5 से 7 अरब डॉलर का खर्च होने का अनुमान है। लेकिन स्वतंत्र समीक्षकों ने पाया कि आधुनिक तकनीक के तहत मंगल से नमूने वापस लाने का कुल खर्च 11 अरब डॉलर तक जा सकता है और इसके 2040 से पहले धरती पर लौटने की संभावना ,बहुत कम है। नासा प्रमुख बिल नेल्सन ने कहा, कुल मिलाकर 11 अरब डॉलर का बजट बहुत ज्यादा है।