फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मिशन शक्ति: नासा ने बताया अंतरिक्ष को खतरा, विशेषज्ञ बोले- दुष्प्रचार

Wed, 03 Apr 2019 07:28 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
विज्ञापन

अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत के एंटी-सैटेलाइट क्लब में शामिल होने से अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा परेशान हो गया है। नासा ने मिशन शक्ति को बेहद ‘भयानक’ मानते हुए कहा है कि इस परीक्षण के कारण अंतरिक्ष की कक्षा में मलबे के करीब 400 टुकड़े फैल गए हैं। भारत के इस कदम से अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) में मौजूद अंतरिक्ष यात्रियों के लिए नया खतरा पैदा हो गया है। हालांकि सच्चाई यह है कि तीन महाशक्तियों ने पूर्व में जो प्रयोग किए हैं उनमें इससे कहीं ज्यादा मलबा अंतरिक्ष में फैल चुका है।

विज्ञापन


नासा प्रमुख जिम ब्रिडेनस्टाइन ने अपने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए भारत द्वारा पांच दिन पूर्व किए गए एंटी-सैटेलाइट परीक्षण का जिक्र किया। ब्रिडेनस्टाइन के मुताबिक, ‘सभी टुकड़े इतने बड़े नहीं हैं जिनकी निगरानी की जा सके।’ हालांकि उन्होंने कहा कि हमारी इस पर नजर है, लेकिन बड़े टुकड़ों का ही पता चल पा रहा है। हम लोग 10 सेंटीमीटर (6 इंच) से बड़े टुकड़ों की बात कर रहे हैं। ऐसे अब तक 60 टुकड़े मिल चुके हैं। नासा प्रमुख ने कहा कि यह परीक्षण आईएसएस समेत कक्षा के अन्य सभी सैटेलाइटों से नीचे रहकर किया गया था, लेकिन अब इसके करीब 24 टुकड़े आईएसएस के ऊपर चले गए हैं।



विज्ञापन


भारत ने पृथ्वी की निचली कक्षा में 300 किलोमीटर की रेंज पर मौजूद एक सैटेलाइट को मार गिराया था, जिसकी जानकारी खुद पीएम मोदी ने देश को दी थी। मोदी ने कहा था कि इस परीक्षण से भारत ने अंतरिक्ष ताकत के रूप में खुद को स्थापित किया है। पूर्णत: स्वदेशी यह एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण चिर-प्रतिद्वंद्वियों पाकिस्तान और चीन के लिए कड़ा संदेश भी माना जा रहा है।

 

विज्ञापन

मुश्किल होगा अंतरिक्ष में मानव मिशन भेजना

नासा प्रमुख जिम ब्रिडेन्टाइन ने कहा, यह भयानक, बेहद भयानक है कि ऐसा काम किया गया जिससे मलबा अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से भी ऊपर जा रहा है। ऐसी गतिविधियों की वजह से भविष्य में मानव को अंतरिक्ष में भेजना मुश्किल हो जाएगा।

उन्होंने कहा, ‘जब एक देश ऐसा करता है तो दूसरे देशों को भी लगता है कि उन्हें भी ऐसा करना चाहिए, यह अस्वीकार्य है। नासा को इस बारे में स्पष्ट रुख अपनाने की जरूरत है कि इसका हम पर क्या असर पड़ता है।’

अंतरिक्ष में पहले से हैं मलबे के 10,000 टुकड़े

नासा प्रमुख के मुताबिक फिलहाल अमेरिकी संस्था ऐसे 23,000 लक्ष्यों पर नजर रखे हुए है जिनका आकार 10 सेंटीमीटर से ज्यादा है। इसमें 10,000 टुकड़े अंतरिक्ष मलबे के भी शामिल हैं। इनमें से तीन हजार सिर्फ चीन द्वारा 2007 में किए गए ऐसे ही प्रयोग की वजह से फैले थे। अब भारतीय परीक्षण के बाद मलबे के अंतरिक्ष स्टेशन से टकराने के चांस 44 प्रतिशत बढ़ गए हैं। हालांकि, मलबे के वायुमंडल में प्रवेश करने के बाद यह खतरा कम हो जाएगा। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें