चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता जेंग शुआंग ने यहां सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, 'अजहर को चिह्नित किए जाने के आवेदन को प्रस्तावित किए जाने (1267 समिति में) के बाद चीन विभिन्न पक्षों के साथ करीब से संपर्क एवं समन्वय बिठा रहा है और उसने सकारात्मक प्रगति की है। अमेरिका यह बहुत अच्छे से जानता है।'
शुआंग ने कहा कि सकारात्मक प्रगति से उनका मतलब अजहर को सूचित किए जाने के मुद्दे को निपटाने के अर्थ में है, यह स्पष्ट करने के लिए कहने पर जेंग ने कहा, “हां। अमेरिका बहुत अच्छे से यह जानता है।” हालांकि उन्होंने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहा।
चीन इससे पहले चार बार इस कदम में रोड़े अटका चुका है। चीन ने 13 मार्च को 1267 अलकायदा प्रतिबंध समिति में अमेरिका, ब्रिटेन से समर्थित फ्रांस के एक प्रस्ताव को यह कह कर बाधित कर दिया था कि उसे मामले को ठीक से समझने के लिए और वक्त चाहिए। चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि प्रस्ताव पर रोक यह ध्यान में रखते हुए भी लगाई गई थी कि पुलवामा आतंकवादी हमले के बाद संबंधित पक्ष को बातचीत करने का समय मिल सके।
इसके बाद अमेरिका ने अजहर को काली सूची में डालने के लिए 27 मार्च को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सीधे एक प्रस्ताव पेश कर दिया था जिसके बारे में चीन ने कहा था कि यह 1267 समिति को कमतर आंकने के बराबर है। प्रवक्ता की तरफ से सोमवार को की गईं ये टिप्पणियां पहली बार की गई हैं जब चीन ने अजहर के मुद्दे को सुलझाने की प्रगति के बारे में कुछ कहा।