भारत और अमेरिका के दो शीर्ष सेवानिवृत्त जनरल, जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे और जनरल (रिटायर्ड) रिचर्ड क्लार्क भारत-अमेरिकी रणनीतिक एवं साझेदारी मंच (यूएसआईएसपीएफ) के सलाहकार बोर्ड में शामिल हुए हैं। नरवणे ने भारतीय सेना में 28वें सेनाध्यक्ष के रूप में कार्य किया, जबकि क्लार्क अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड के पूर्व कमांडर रहे हैं। यूएसआईएसपीएफ ने यह भी घोषणा की कि एशिया-प्रशांत और जापान क्षेत्र के लिए डेल टेक्नोलॉजीज के अध्यक्ष पीटर मार्स निदेशक मंडल में शामिल हो गए हैं। नरवणे ने कहा, यूएसआईएसपीएफ के बोर्ड में आमंत्रण सम्मान और सौभाग्य की बात है। यह एक ऐसा मंच है जिसने भारत-अमेरिकी को आगे बढ़ाया है। क्लार्क ने कहा कि सेना में नेशनल वॉर कॉलेज में रहने के दौरान उन्हें भारत की यात्रा करने और अध्ययन करने का सौभाग्य मिला। अब मुझे उम्मीद है कि मैं सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक के साथ सुरक्षा संबंधों को बढ़ावा देना जारी रखूंगा।
गूगल का एप स्टोर एकाधिकार केस में अमेरिकी प्रांतों से समझौता
गूगल ने एप स्टोर के एकाधिकार के केस में सभी 50 राज्यों, डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया और प्यूर्टो रिको के साथ सैद्धांतिक समझौता किया है। इसके तहत 2021 में गूगल के दुनिया के अधिकतर सेलफोन चलाने वाले सॉफ्टवेयर के एप वितरण पर एकाधिकार नियंत्रण को लेकर दायर मुकदमे का निपटारा किया जाएगा। अदालत में मंगलवार को हुई सुनवाई में इस समझौते का हवाला दिया गया कि इसे पूरा करने के लिए वादी के अटॉर्नी जनरल और गूगल की मूल कंपनी के निदेशक मंडल की मंजूरी ली जानी है।
सिख-हिंदू तीर्थयात्रियों को लुभाने का प्रयास कर रहा पाकिस्तान
लाहौर। पाकिस्तान के कार्यवाहक धार्मिक मामलों के मंत्री अनीक अहमद ने कहा है कि द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बीच, पाकिस्तान ने भारत से सिख और हिंदू तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए उन्हें लुभाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उन्होंने माना कि हाल के वर्षों में तीर्थयात्रियों की संख्या घटी है। दोनों देशों में एक समझौते के तहत भारत से 7,500 सिख और 1,000 हिंदू तीर्थयात्री यात्रा कर सकते हैं।
अभ्यास के लिए मिस्र पहुंचा आईएनएस सुमेधा
भारतीय नौसेना जहाज (आईएनएस) सुमेधा ‘एक्सरसाइज ब्राइट स्टार-23’ में भाग लेने के लिए मिस्र के अलेक्जेंड्रिया बंदरगाह पहुंचा। बहुराष्ट्रीय त्रिसेवा सैन्य अभ्यास के इस संस्करण में 34 देशों की भागीदारी होगी। अधिकारियों ने कहा कि यह मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्र में अब तक का सबसे बड़ा संयुक्त सैन्य अभ्यास है। भारतीय नौसेना के अनुसार, इस अभ्यास को दो चरणों में आयोजित किया जाना है।