डोनाल्ड ट्रंप अपने कार्यकाल में दूसरी बार महाभियोग का सामना किया और इसे निचले सदन में मंजूरी भी मिल गई। अमेरिकी कैपिटल हिल में हिंसा को लेकर बुधवार (स्थानीय समय) को अमेरिकी निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पास हो गया। सदन में बहस के दौरान यूएस हाउस स्पीकर नैंसी पेलोसी ने ट्रंप को राष्ट्र के लिए खतरा बताया।
पेलोसी ने आगे कहा, 'राष्टपति को सीनेट में जरूर दोषी करार दिया जाना चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यह गणतंत्र उस व्यक्ति से सुरक्षित रहेगा जो उन चीजों को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है जिन्हें हम बहुत प्यारा समझते हैं और जो हम सब को एक साथ जोड़े रखता है।'
पेलोसी ने अपने बातों को खत्म करते हुए कहा, 'मेरे अमेरिकी साथियों, हम इतिहास से बच नहीं सकते। इसलिए आइए हम अपनी ड्यूटी को पूरा करें और इस राष्ट्र ने जो हम पर विश्वास जताया है उसका सम्मान करें।'
दस रिपब्लिकन सांसदों ने भी किया समर्थन
ट्रंप के खिलाफ महाभियोग का सदन के 215 से ज्यादा डेमोक्रेट्स और 10 रिपब्लिकन सांसदों ने समर्थन किया। प्रस्ताव को सदन में 197 के मुकाबले 232 वोटों से पारित कर दिया गया। प्रस्ताव में पेंस से अपील की गई कि वह कैबिनेट से 25वां संशोधन लागू करने को कहें। ट्रंप पर महाभियोग चलाने के लिए 218 वोटों की जरूरत थी।
बता दें, डेमोक्रेट्स ने यूएस कैपिटल इमारत में हिंसा को लेकर राष्ट्रपति ट्रंप को उकसाने के लिए कसूरवार ठहराया था। इस हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी। ट्रंप के कार्यकाल को पूरा होने में कुछ ही दिन बचे हुए हैं। अमेरिका के भावी राष्ट्रपति जो बाइडन की डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने ट्रंप को 20 जनवरी से पहले पद से हटाने के लिए पहले से ही तैयार हैं। बाइडन 20 जनवरी को राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे।