म्यांमार के सैन्य शासन ने प्रदर्शनों को शांत कराने के लिए नरमी का पहला संकेत दिया है। उसने सैन्य तख्तापलट के खिलाफ सड़कों पर उतरे सैकड़ों कैद प्रदर्शनकारियों को बुधवार को रिहा कर दिया। यंगून की इनसिन जेल के बाहर रिहा किए गए प्रदर्शनकारियों से भरी बसों को देखा गया जिनमें अधिकतर युवा थे और वे खुश दिखाई दिए।
देश के सरकारी टीवी के मुताबिक, रिहा हुए प्रदर्शनकारियों में से कुछ ने तीन उंगलियों का चिन्ह भी दिखाया जो सैन्य शासन के खिलाफ विरोध का प्रतीक बन गया है। अधिकारियों की नजर में आने से बचने के लिए एक महिला वकील ने पहचान गोपनीय रखते हुए बताया कि जिन लोगों को रिहा किया गया है उन्हें तीन मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि अब प्रदर्शनों की वजह से गिरफ्तार सिर्फ 55 लोग जेल में हैं और संभवत: उनके खिलाफ दंड संहिता की धारा 505(ए) के तहत आरोप लगाए जाएंगे जिसमें तीन साल तक कैद का प्रावधान है। म्यांमार असिस्टेंस एसोसिएशन फॉर पॉलिटिकल प्रिजनर्स (एमएएपीपी) ने तख्तापलट के बाद कार्रवाई में 275 लोगों के अब तक मारे जाने की पुष्टि की है।
नई रणनीति : घर में रहकर विरोध जताएं
इस बीच, बुधवार को प्रदर्शनकारियों ने नई रणनीति अपनाई और उन्होंने शांतिपूर्ण हड़ताल के तहत लोगों से अपने घरों में ही रहने और कारोबारी प्रतिष्ठानों को दिन में बंद रखने की अपील की। हड़ताल के असर का आकलन करना मुश्किल है लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर्स द्वारा विभिन्न शहरों एवं कस्बों की जारी तस्वीर में सड़कें खाली दिख रही हैं।