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Myanmar: म्यांमार में तबाही के बीच सेना ने युद्धविराम की घोषणा की, भूकंप से मरने वालों की संख्या 3 हजार के पार

Wed, 02 Apr 2025 08:03 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक

सार

Myanmar Quake: म्यांमार की सेना ने बुधवार को अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की, जिससे विनाशकारी भूकंप के बाद राहत कार्यों में मदद मिल सके। शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के इस भूकंप में अब तक 3,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI
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विस्तार
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म्यांमार की सत्तारूढ़ सेना ने भूकंप राहत प्रयासों को बेहतर बनाने के लिए 22 अप्रैल तक देश के गृह युद्ध में संघर्ष विराम की घोषणा की है। बता दें कि, म्यांमार 2021 से गृह युद्ध की आग में झुलस रहा है। एक स्थानीय टीवी चैनल के अनुसार, सेना ने मानवीय सहायता को ध्यान में रखते हुए 22 अप्रैल तक संघर्ष विराम लागू करने का फैसला किया है। हालांकि, सेना ने चेतावनी दी कि यदि विद्रोही समूह इस दौरान हमले करते हैं या अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की कोशिश करते हैं, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले, म्यांमार में सैन्य शासन के खिलाफ लड़ रहे दो प्रमुख सशस्त्र संगठनों ने भी युद्धविराम की घोषणा की थी। लेकिन सेना ने शुरुआत में हमले जारी रखे थे। 
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रेस्क्यू ऑपरेशन के दिखा कुदरत का चमत्कार
बुधवार को बचाव दल ने म्यांमार की राजधानी नैप्यीडॉ में एक होटल के मलबे से दो लोगों को जिंदा निकाला। इनमें से एक, 26 वर्षीय नाइंग लिन टुन, करीब 108 घंटे तक फंसा रहा। उसे एंडोस्कोपिक कैमरा की मदद से खोजा गया और सावधानीपूर्वक बाहर निकाला गया। इसके अलावा, सगाइंग क्षेत्र में एक अन्य व्यक्ति को भी मलेशियाई और स्थानीय बचाव दल ने मलबे से सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि, ज्यादातर स्थानों से केवल शव ही बरामद हो रहे हैं। 
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म्यांमार में भूकंप से भयानक तबाही
म्यांमार में शुक्रवार दोपहर आए इस भूकंप ने हजारों इमारतों को गिरा दिया, पुल ध्वस्त हो गए और सड़कें टूट गईं। अब तक 4,500 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, असली मौत का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, भूकंप से पहले ही म्यांमार में 30 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित थे और दो करोड़ लोग किसी न किसी रूप में सहायता पर निर्भर थे। अब इस प्राकृतिक आपदा ने वहां पर संकट को और गंभीर बना दिया है। भूकंप का केंद्र म्यांमार के दूसरे सबसे बड़े शहर मंडाले के पास था। मंडाले और राजधानी नैप्यीडॉ से ज्यादा जानकारी मिल रही है, लेकिन दूरदराज के इलाकों में संचार व्यवस्था ठप होने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है।

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विद्रोही समूहों की पहल और सेना पर दबाव
म्यांमार की सेना ने 2021 में आंग सान सू की की लोकतांत्रिक सरकार को हटाकर सत्ता हथिया ली थी। इसके खिलाफ विद्रोही गुट लगातार संघर्ष कर रहे हैं। 'थ्री ब्रदरहुड अलायंस' नाम के एक शक्तिशाली विद्रोही गठबंधन ने मंगलवार को एकतरफा युद्धविराम की घोषणा की थी, जिससे राहत कार्यों में बाधा न आए। वहीं, निर्वासित सरकार 'नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट' ने भी अपने सशस्त्र बलों को युद्धविराम के लिए कहा था। इन घोषणाओं के बाद म्यांमार की सेना पर भी युद्धविराम की घोषणा करने का दबाव बढ़ गया।
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रेड क्रॉस के काफिले पर हमले का दावा
इस बीच, विद्रोही गुटों ने सेना पर आरोप लगाया कि उसने मंगलवार को रेड क्रॉस के राहत काफिले पर हमला किया। यह काफिला चीन की रेड क्रॉस सोसाइटी का था और इसमें नौ वाहन शामिल थे, जो मंडाले जा रहे थे।

म्यांमार में मिल रही अंतरराष्ट्रीय सहायता
म्यांमार को राहत पहुंचाने के लिए कई देश मदद भेज रहे हैं। इस में ऑस्ट्रेलिया ने 4.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर की अतिरिक्त सहायता देने की घोषणा की। भारत ने राहत सामग्री के साथ दो नौसैनिक जहाज भेजे और 200 बचावकर्मियों को तैनात किया। इसके साथ ही चीन, रूस और यूएई ने भी बचाव दल भेजे हैं। जबकि अमेरिका ने 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन सहायता देने की घोषणा की है।

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