म्यांमार की सेना जुंटा देश के राष्ट्रीय विजय दिवस के अवसर पर कैदी माफी के हिस्से के रूप में म्यांमार के पूर्व ब्रिटिश राजदूत और एक ऑस्ट्रेलियाई अर्थशास्त्री सहित हजारों कैदियों को रिहा करेगी।
माफी म्यांमार के राष्ट्रीय दिवस को चिह्नित करने के लिए 5,744 कैदियों को रिहा किया जाएगा। इनमें से एक ऑस्ट्रेलियाई अर्थशास्त्री सीन टर्नेल भी शामिल हैं, जिन्हें फरवरी 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से हिरासत में लिया गया था। म्यांमार में पूर्व ब्रिटिश राजदूत विक्की बोमन (जिन्हें अगस्त में गिरफ्तार किया गया था) को भी जेल से रिहा कर दिया जाएगा।
म्यांमार में 1 फरवरी 2021 को देश की लोकतांत्रिक सरकार का तख्तापलट करने के बाद से वहां सैन्य शासन लागू है। म्यांमार में ब्रिटेन की पूर्व राजदूत बोमैन (56) को अगस्त में यांगून में उनके पति के साथ गिरफ्तार किया गया था। सुरक्षा बलों ने सितंबर में सिडनी के मैक्वेरी विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के सहायक प्रोफेसर 58 वर्षीय टर्नेल को यांगून के एक होटल से गिरफ्तार किया था। उन्हें आधिकारिक गोपनीयता कानून और आव्रजन कानून का उल्लंघन करने के आरोप में तीन साल कारावास की सजा सुनाई गई थी।
जापान के 26 वर्षीय कुबोता को यांगून में पिछले साल 30 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें पिछले महीने 10 साल कारावास की सजा सुनाई गई थी। उन पर सत्ता पर सेना के कब्जे के खिलाफ आयोजित एक प्रदर्शन की तस्वीरें लेने का आरोप था। उन पर वीडियो बनाने के भी आरोप लगाए गए थे।
38 भारतीय म्यांमार से भारत वापस लौटे
इस बीच म्यावाडी इलाके में अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह द्वारा नौकरी के झांसे में फंसे 38 भारतीयों को गुरुवार को स्वदेश भेजा गया। पिछले महीने म्यावाडी इलाके में फंसे समूह में से 13 को बचाया गया था। म्यांमार और थाईलैंड में भारतीय दूतावासों के संयुक्त प्रयासों के बाद सितंबर में 32 भारतीयों को म्यावाडी से बचाया गया था।