म्यांमार की एक जेड खदान में हुए भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 162 तक पहुंच गई है। अभी भी वहां कुछ मजदूरों के दबे होने की आशंका है। देश के अग्निशमन विभाग और सूचना मंत्रालय के एक अधिकारी ने इस बात की जानकारी दी है।
काचिन राज्य के जेड-समृद्ध हापाकांत क्षेत्र में खनिक जेड पत्थर को इकट्ठा कर रहे थे। इस दौरान भारी बारिश के कारण भूस्खलन हो गया और ये मजदूर उसके नीचे दब गए। अग्निशमन विभाग ने अपने फेसबुक पोस्ट में इसकी जानकारी दी।
पोस्ट में कहा गया है कि फिलहाल बचाव अभियान जारी है और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला जा रहा है। बता दें कि, इस पूरे क्षेत्र का रखरखाव ठीक प्रकार से नहीं किए जाने के कारण यहां बारिश के दौरान भूस्खलन होता रहता है। घटना काचिन राज्य के हपाकांत में हुई। यह क्षेत्र म्यांमार के सबसे बड़े शहर यांगून के उत्तर में है और यह विश्व का सबसे बड़ा जेड खदान उद्योग है। म्यांमार में खनन स्थलों पर इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। 2015 में भी इसी तरह के एक हादसे में 113 लोगों की मौत हो गई थी।
पहले भी हो चुके हैं कई हादसे
पिछले वर्ष अगस्त दक्षिण-पूर्वी म्यांमार में भूस्खलन हुआ था। इसमें 59 लोगों की जान चली गई थी। यह घटना भी भारी बारिश की वजह से हुई थई। उस वक्त बाढ़ और बारिश से 80 हजार लोग बेघर हो गए थे। नवंबर 2015 में इस क्षेत्र में हुए एक बड़े भूस्खलन में कम से कम 116 लोगों की मौत हो गई थी। बता दें कि म्यांमार में दुनिया में सबसे अधिक जेड पत्थर या हरिताश्म यानी हरे रंग के कीमती रत्न पाए जाते हैं। म्यांमार हर साल जेड पत्थरों का लगभग 30 अरब डॉलर का कारोबार करता है।