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शैतान शूज: 'इंसानी खून' से बने जूतों पर समझौते के लिए तैयार हुई नाइकी, रखीं ये शर्तें

Sat, 10 Apr 2021 09:15 AM IST
प्रियंका तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

  • विवादों से घिरने के बाद एमएससीएचएफ ने किया समझौते का फैसला
  • ग्राहकों को जूते की कीमत करेगी वापस
  • मार्केट से जूतों के सर्कुलेशन को हटाने की मांग को भी स्वीकारा
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विवादों में शैतान शूज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अमेरिकी कंपनी नाइकी द्वारा शैतान शूज को तैयार करने के लिए मुकदमा ठोके जाने के बाद ब्रुकलिन की फुटवियर कंपनी एमएससीएचएफ ने समझौता करने का फैसला किया है। शुक्रवार को जारी एक ईमेल के जरिये कंपनी ने उन ग्राहकों को मूल खुदरा मूल्य और शिपिंग लागत की पूरी रकम वापस करने की पेशकश की, जिन लोगों ने शैतान शूज या फिर इसके पहले लॉन्च किए गए जीजस शूज खरीदे थे। एमएससीएचएफ ने शुक्रवार को कहा, ‘हम मुकदमे को निपटाने के लिए सहमत हैं। समझौते के रूप में नाइक ने हमसे शैतान शूज को मार्केट में सर्कुलेशन से हटाने की मांग की और हमने इसके लिए सहमति दे दी।’

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गौरतलब है कि एमएससीएचएफ द्वारा निर्मित शैतान शूज पिछले महीने के अंत में यानी 29 मार्च को लॉन्च होने के लगभग तुरंत बाद ही बिक गए थे। कंपनी ने इन जूतों की केवल 666 जोड़ियां ही बनाई थीं। एक जोड़ी जूते की कीमत 1018 डॉलर तय की गई है। भारतीय करेंसी में इसकी कीमत करीब 75 हजार रुपये होती है। 

इसके लॉन्च के बाद नाइकी ने दावा कर दिया कि इस शैतान शूज को बनाने के लिए इंसान के खून का इस्तेमाल किया गया है। इसके अलावा नाइकी ने एमएससीएचएफ पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया कि इन जूतों पर उसके लोगो स्वूश (Swoosh) चिह्न का इस्तेमाल किया गया। नाइकी का आरोप है कि उससे बिना इजाजत या साझीदारी के उसका लोगो जूते पर लगा दिया गया। नाइकी का कहना है कि यह जूते मशहूर रैपर लिल नास के साथ मिलकर तैयार किए गए हैं।
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इधर, सोशल मीडिया पर भी शैतान शूज को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रहीं हैं। कहा जा रहा है कि इन जूतों पर क्रॉस का निशान उल्टा बना हुआ है। इसके अलावा पेंटाग्राम यानी पंचकोण का भी निशान है। साथ ही, बाइबल के ल्यूक 10:18 का जिक्र भी है। काफी यूजर्स इसे ईश्वर के वचन का अपमान बता रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन जूतों को बनाने में इंसानी खून की एक बूंद का भी इस्तेमाल किया गया है।

हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब एमएससीएचएफ किसी विवाद में फंसी हो। इसके पहले साल 2019 में कंपनी ने जीजस शूज लॉन्च किया था, जिसके चलते उसे काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। उस वक्त कंपनी ने दावा किया था कि इन जूतों को बनाने में जॉर्डन नदी से लाया गया पवित्र जल इस्तेमाल किया गया। इस बात को लेकर काफी विवाद हुआ था।

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