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पाकिस्तान के निर्वासित नेता अल्ताफ हुसैन ने पीएम मोदी से भारत में मांगी शरण

Mon, 18 Nov 2019 01:55 AM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

  • लंदन में निर्वासित जीवन बिता रहे हैं मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के संस्थापक अल्ताफ
  • कहा, शरण नहीं दे सकते तो आर्थिक मदद ही दें ताकि अंतरराष्ट्रीय कोर्ट जा सकें
  • पाक नेता ने वादा किया कि वह राजनीति में किसी भी तरह का दखल नहीं देंगे
  • अल्ताफ हुसैन ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का किया था स्वागत 
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अल्ताफ हुसैन-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : फाइल
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विस्तार
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मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के संस्थापक अल्ताफ हुसैन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से खुद और उनके सहयोगियों को भारत में शरण देने की अपील की। साथ ही ऐसा न होने पर कम से कुछ आर्थिक मदद करने की अपील की है ताकि वे अपने मामले को अंतरराष्ट्रीय न्याय अदालत तक ले जा सकें। अल्ताफ अभी लंदन में निर्वासित जीवन गुजार रहे हैं। 67 वर्षीय पाक नेता ने वादा किया कि वह राजनीति में किसी भी तरह से दखल नहीं देंगे। 

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अल्ताफ ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर अपने एक वीडियो में अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया था। अपने नौ नवंबर के भाषण में उन्होंने कहा कि यदि पीएम मोदी उन्हें अनुमति और सहयोगियों के साथ शरण देते हैं तो वह भारत जाने को तैयार हैं क्योंकि यहीं उनके दादा, दादी को दफनाया गया। उन्होंने कहा कि हमारे सैकड़ों रिश्तेदार भारत में दफनाए गए हैं। वह उनकी मजारों और कब्र पर जाना चाहते हैं, प्रार्थना करना चाहते हैं।  

हुसैन ने कहा कि वह शांतिप्रिय व्यक्ति हैं। वह राजनीति में कोई दखल नहीं देंगे, यह वादा है। बस केवल सहयोगियों के साथ भारत में रहने की जगह मुहैया करा दी जाए। भारत से अपील में उन्होंने कहा कि उनके घर और कार्यालयों को जब्त कर लिया गया है। ऐसे में पाक सरकार के खिलाफ संघर्ष का कोई रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि यदि भारत शरण नहीं दे सकता है तो कम से कम कुछ आर्थिक मदद ही उपलब्ध करा दे ताकि हम हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय न्यायालय जा सकें।

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जो अयोध्या मामले का फैसला नहीं मानते वे भारत छोड़ दें : अल्ताफ

अपने भाषण में अल्ताफ ने अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों को यह फैसला स्वीकार नहीं है, उन्हें भारत छोड़कर पाकिस्तान चले जाना चाहिए।

लंदन कोर्ट ने तय किए हैं आरोप

अल्ताफ पर 2016 में लंदन से पाकिस्तान में मौजूद अपने समर्थकों को हिंसा और आतंकवाद के लिए भड़काने का आरोप है। आतंकवाद के अपराध से जुड़े इस मामले में बीते 10 अक्तूबर को लंदन के क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विसेज ने उनके खिलाफ आरोप तय किए थे। उनके खिलाफ इस मामले में जून 2020 में मुकदमा चलेगा।
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