ब्रिटिश सांसद इस महीने के आखिर में संसद में बहस करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके बाद शायद हिंदू और मुस्लिम धर्म के त्यौहारों जैसे दिवाली और ईद वाले दिन सार्वजनिक अवकाश हो सकता है। सांसदों ने यह फैसला तब लिया जब बहुत से लोगों ने उन्हें इस बदलाव के लिए कहा। साथ ही संसद की वेबसाइट पर करीब 45 हजार लोगों ने ई पिटीशन साइन की है। जिसमें कहा गया है कि ईद उल फितर और ईद उल अधा के दिन सार्वजनिक अवकाश हो। वहीं 11 हजार लोग चाहते हैं कि दिवाली और दशहरे वाले दिन सार्वजनिक अवकाश हो।
याचिका में कहा गया है कि देश में मुस्लिमों की संख्या 2011 के आंकड़ों के मुताबिक 2.7 मिलियन है। जो कुल जनसंख्या का 4.8 फीसदी है। इसके अलावा हिंदुओं की संख्या 8 लाख 17 हजार है। जो कुल जनसंख्या का 1.5 फीसदी है। बावजूद इसके भी इन लोगों के महत्वपूर्ण त्यौहारों पर छुट्टी नहीं होती है।
सरकार ने साल की शुरुआत में दोनों याचिकाएं नामंजूर कर दी थीं। उनका कहना था कि इससे आर्थिक हानि होगी। सरकार ने कहा कि 2012 में डायमंड जुबली हॉलिडे के कारण 1.2 बिलियन पाउंड का नुकसान हुआ था।
स्कॉटिश नेशनल एमपी मार्टिन डे पिटीशन कमिटि के सदस्य भी हैं। उनका कहना है कि वह अभी बहस के लिए और बदलाव के खिलाफ से संबंधित आंकड़े एकत्रित कर रहे हैं। उनका कहना है कि ब्रिटेन में कुल 8 सार्वजनिक अवकाश होते हैं, उत्तरी आयरलैंड में 10 और स्कॉटलैंड में 9। इनमें से कहीं पर भी स्थिरता नहीं है।