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टाटा को इस देश ने दिखाया बाहर का रास्ता: राष्ट्रपति बोले- सामान समेटकर निकलो, 100 साल में कुछ काम नहीं किया

Thu, 03 Sep 2026 10:19 PM IST
प्रशांत तिवारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला

सार

केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने भारत की टाटा केमिकल्स को पूर्वी अफ्रीकी देश छोड़ने का आदेश दिया है। इससे केन्या के सबसे बड़े खनिज निर्यातकों और अफ्रीका के प्रमुख सोडा ऐश उत्पादकों में शामिल टाटा केमिकल्स मगाडी के साथ सरकार का विवाद और गहरा गया है।
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राष्ट्रपति विलियम रुटो - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने टाटा केमिकल्स मगाडी को देश छोड़ने का आदेश देने की बात कही है। उनका आरोप है कि कंपनी ने लेक मगाडी में एक सदी से अधिक समय तक कारोबार करने के बावजूद पर्याप्त निवेश नहीं किया। यह घटनाक्रम 28 जुलाई को टाटा केमिकल्स मगाडी के खनन संचालन को कथित तौर पर खनन कानूनों का पालन न करने के आरोप में निलंबित किए जाने के बाद सामने आया है। केन्या सरकार अब इस क्षेत्र में दो नई कंपनियां लाने, निवेश बढ़ाने, स्थानीय प्रसंस्करण को बढ़ावा देने और रोजगार पैदा करने की तैयारी कर रही है। वहीं, टाटा केमिकल्स का कहना है कि उसने अधिकारियों की ओर से मांगे गए सभी दस्तावेज जमा किए हैं और नियमों का पालन किया है।

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टाटा केमिकल्स पर निवेश नहीं करने का आरोप
काजियाडो काउंटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रुटो ने टाटा केमिकल्स मगाडी पर आरोप लगाया कि लेक मगाडी में एक सदी से अधिक समय से काम करने के बावजूद कंपनी ने इलाके में पर्याप्त निवेश नहीं किया। रुटो ने स्वाहिली भाषा में कहा कि टाटा केमिकल्स मगाडी का 100 साल का कॉन्ट्रैक्ट था और उन्होंने कुछ नहीं किया। मैंने कुछ दिन पहले उनसे अपना सामान समेटकर चले जाने को कहा।

सरकार ने नए निवेशकों की पहचान की
राष्ट्रपति रुटो ने कहा कि उनकी सरकार ने टाटा केमिकल्स के संचालन की जगह कामकाज संभालने के लिए नए निवेशकों की पहचान कर ली है। उनका कहना है कि केन्या को अपने खनिज संसाधनों से मौजूदा स्थिति की तुलना में कहीं अधिक आर्थिक लाभ मिलना चाहिए। हमने कहा है कि हम नई कंपनियां ला रहे हैं। मैंने उन्हें पहले ही जाने के लिए कह दिया है।
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दो नई कंपनियां लाने की तैयारी
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार दो नई कंपनियों को इस क्षेत्र में लाने की योजना बना रही है। सरकार की प्राथमिकता ज्यादा निवेश आकर्षित करना, स्थानीय स्तर पर खनिजों का प्रसंस्करण बढ़ाना और केन्याई लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

लेक मगाडी में एक सदी से ज्यादा पुराना कारोबार
टाटा केमिकल्स मगाडी भारत के टाटा समूह का हिस्सा है और केन्या की राजधानी नैरोबी से करीब 120 किलोमीटर (75 मील) दक्षिण-पश्चिम में स्थित लेक मगाडी में काम करती है। कंपनी हर साल 3.5 लाख टन से अधिक सोडा ऐश का उत्पादन करती है। इसका निर्यात भारत, दक्षिण-पूर्व एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका के अन्य हिस्सों में किया जाता है।

जुलाई में सरकार ने खनन गतिविधियां की थीं निलंबित
राष्ट्रपति का यह ऐलान 28 जुलाई को केन्या के खनन कानूनों का पालन नहीं करने के आरोप में टाटा केमिकल्स मगाडी के खनन संचालन को सरकार द्वारा निलंबित किए जाने के बाद आया है। उस समय खनन मामलों के कैबिनेट सचिव हसन जोहो ने कहा था कि जब तक कंपनी अपनी कानूनी जिम्मेदारियां पूरी नहीं कर लेती, तब तक उसका कामकाज निलंबित रहेगा।

'सभी जरूरी दस्तावेज जमा किए'
टाटा केमिकल्स ने पिछले महीने कहा था कि उसने केन्याई अधिकारियों की ओर से मांगे गए सभी दस्तावेज जमा कर दिए हैं और वह नियमों का पालन कर रही है। कंपनी ने यह भी कहा था कि संचालन पर लगी रोक से करीब 500 कर्मचारियों के साथ-साथ ठेकेदारों, आपूर्तिकर्ताओं और आसपास के समुदायों पर भी असर पड़ रहा है।

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1911 से शुरू हुआ टाटा का लेक मगाडी से रिश्ता
लेक मगाडी में कंपनी का इतिहास 1911 से शुरू होता है। इसके बाद 1928 में केन्या सरकार के साथ एक बड़ा खनन लीज समझौता किया गया था। टाटा केमिकल्स ने 2005 में ब्रिटेन के ब्रूनर मोंड ग्रुप का अधिग्रहण करके इस कारोबार की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली थी।

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