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रिसर्च: अंतरिक्ष में छह साल तक जीवित रहा चूहों का शुक्राणु, धरती पर लौट दिया स्वस्थ बच्चों को जन्म

Sat, 12 Jun 2021 05:50 PM IST
प्रशांत कुमार वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

जापानी शोधकर्ताओं ने बड़ा खुलासा किया है कि अंतरिक्ष में चूहों का शुक्राणु जीवित रह सकता है। वह भी एक या दो साल नहीं, बल्कि 6 सालों तक जीवित रहकर स्वस्थ्य बच्चोंं को जन्म दे सकता है। 
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विस्तार
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चूहों का शुक्राणु बिना किसी नुकसान के लगभग छह वर्षों तक अंतरिक्ष में जीवित रह सकता है और पृथ्वी पर लौटकर वह स्वस्थ्य बच्चों को जन्म दे सकता है। जापानी शोधकर्ताओं ने इसका खुलासा किया है।  जिसने लंबी अवधि की अंतरिक्ष यात्रा के लिए मानव जाति की उम्मीदों को फिर से जगाया है। जापानी शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया कि अंतरिक्ष में चूहों से लिए गए शुक्राणुओं को उच्च लेवल कॉस्मिक रेडिएशन पर रखा गया । करीब छ साल तक इसे रिहाइड्रेटिड किया गया  और 2019 में इसी जटिल प्रक्रिया से चूहों के बच्चों की बड़ी संख्या पैदा हुई और सभी बच्चे स्वस्थ्य हैं।

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जापानी वैज्ञानिकों के शोध में खुलासा
चूहों के शुक्राणुओं को 2013 में इंटरनेशल स्पेस स्टेशन में फ्रीज-ड्राएड फार्म में रखा गया था। उसके 6 साल बाद इसे धरती पर वापस लाया गया, जहां चूहों ने स्वस्थ्य बच्चों को जन्म दिया। इस प्रक्रिया में जिस शोध का सहारा लिया गया उसे 12 जून को प्रकाशित किया गया। डेवलपमेंट बॉयोलॉजिस्ट तेरूहिको वॉयकामा के मुताबिक , स्पेस में जमा किए गए शुक्राणु से पैदा होने वाले चूहों के बच्चों और धरती पर मिलने वाले चूहों में मामूली से अंतर है।

चूहों के बच्चों में जेनेटिक समस्या नहीं
 चूहों के शुक्राणुओं के लंबे समय तक स्पेस स्टेशन में रखने के बावजूद इसके बच्चों में कोई जेनेटिकली समस्या नहीं देखी गई है।  वैज्ञानिक इसे सफलता के तौर पर मान रहे हैं। जापान की यामांशी यूनिवर्सिटी के बॉयोटेक्नोलॉजी सेंटर के डायरेक्टर वॉयकामा और अन्य शोधकर्ताओं ने 2013 में तीन बॉक्स लॉन्च किए और हर एक में फ्रीज-ड्रायड शुक्राणु के 48 एम्पियूल्स रखे गए। इन सभी को लंबी स्टडी के लिए रखा गया था। वैज्ञानिक यह देखना चाहते थे कि स्पेस में शुक्राणुओं पर रेडिएशन की प्रक्रिया करने पर इनके डीएनए या रिप्रोडक्टिव सेल में कोई बदलाव तो नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक रहने के बाद भी कोई डैमेज नहीं देखा गया। 

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