लूसी पेंग को अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड की सबसे प्रभावशाली महिला करार दिया गया है। इस दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी की सह संस्थापक सार्वजनिक रूप से बहुत कम बोलती हैं और चीन के बाहर उनकी पहचान भी बहुत व्यापक नहीं है। लेकिन, पिछले दो दशक से उन्होंने जैक मा के व्यापारिक साम्राज्य को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
47 वर्षीय पेंग ने अलीबाबा के ह्यूमन रिसोर्स विभाग को स्थापित करने में मदद की थी। वह आंट ग्रुप कंपनी (Ant Group Co.) की चीफ एग्जीक्यूटिव रही हैं। फिलहाल वह दक्षिण-पूर्वी एशियाई ई-कॉमर्स कंपनी लजादा ग्रुप एसए (Lazada Froup SA) की एग्जीक्यूटिव चेयरवूमेन हैं। इससे पहले पेंग वित्त (Finance) की शिक्षिका थीं।
लूसी पेंग की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वह अति समृद्ध अलीबाबा ईकोसिस्टम में सबसे सफल लोगों में से एक और दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में से एक के तौर पर उभर रही हैं। पेंग के पास आंट ग्रुप की 1.7 फीसदी हिस्सेदारी है। शंघाई और हांगकांग में दोहरी लिस्टिंग से इस कंपनी को करीब 35 बिलियन डॉलर जुटाने की उम्मीद है। ब्लूमबर्ग बिलियरेयर्स इंडेक्स के अनुसार पेंग को इससे करीब पांच बिलियन डॉलर की राशि मिलेगी। हालांकि, आंट ने पेंग की संपत्ति पर टिप्पणी करने से इनकार किया है।
'अलीबाबा: दि हाउस दैट जैक मा बिल्ट' के लेखक डंकन क्लार्क कहते हैं कि जैक मा अपनी सफलता में महिलाओं को एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं, लूसी पेंग इसका प्रतीक हैं। निवेश परामर्श कंपनी बीडीए चाइना के चेयरमैन डंकन कहते हैं कि इसीलिए कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मौकों पर उन्हें नए प्रतिष्ठानों में तैनात किया जाता है और वहां उनकी सेवा ली जाती है। वह परदे के पीछे के काम को लेकर बहुत केंद्रित रहती हैं। उन्होंने जैक का भरोसा हासिल किया है और इसे बरकरार रखा है।