साल 2018-19 में भारत से अमेरिका पढ़ने आए छात्रों की कुल संख्या दो लाख से अधिक रही है। अगर पूरे विश्व से अमेरिका पढ़ने आने वाले वाले छात्रों की संख्या को देखा जाए तो यह दस लाख से अधिक की रही है। इन छात्रों में सबसे अधिक तादाद चीनी छात्रों की है और भारतीय छात्रों के समूह का इस तालिका में दूसरा स्थान है। इंटरनेशनल एजुकेशनल एक्सचेंज पर 2019 ओपर डोर्स रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
सोमवार को जारी हुई इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में अध्ययन करने आए भारतीय छात्रों की संख्या 2018-19 में 2,02,014 रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह संख्या पहले की तुलना में अब 2.9 प्रतिशत अधिक है। अमेरिका पढ़ने आने वाले छात्रों में भारत और चीन के छात्रों का कुल योग ही पचास प्रतिशत से अधिक बैठता है। बीते साल छात्रों का प्रिय विषय इंजीनियरिंग रहा और 21.1 से अधिक छात्रों ने इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में शिक्षा का योगदान बढ़ा
अमेरिका की अर्थव्यवस्था में एजुकेशन मार्केट का योगदान बढ़ता जा रहा है। साल 2018 में विश्व भर से आने वाले छात्रों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 44.7 अरब डॉलर का योगदान दिया है। यह साल 2017 की तुलना में 5.5 प्रतिशत अधिक है। अमेरिकी उच्च शिक्षा संस्थानों में अभी वैश्विक छात्रों की संख्या करीब पांच फीसदी है और इसमें साल दर साल इजाफा ही देखने में आ रहा है।
सबसे अधिक छात्र चीन के
अमेरिका पढ़ने आने वाले छात्रों में में चीन के छात्र सबसे अधिक हैं। साल 2018-19 में अकेले चीन से 3,69,548 छात्र अमेरिका आए। इस सूची में तीसरा स्थान दक्षिण कोरिया 52,250, चौथा सऊदी अरब 37,080 और पांचवा कनाडा से 26,122 आए छात्रों का है। अगर वृद्धि दर की बात करें तो बांग्लादेश से आने वाले छात्रों की वृद्धि सर्वाधिक दस प्रतिशत है।