अमेरिका में कोरोना पॉजिटिव बच्चों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। अमेरिकन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक्स (एएपी) और चिल्ड्रन हास्पिटल एसोसिएशन की एक रिपोर्ट में सामने आया है कि अमेरिका में बीते के सप्ताह में 107,000 से ज्यादा बच्चे कोरोना पॉजिटिव हो गए।
अमेरिकन एकेडमी आफ पीडियाट्रिक्स (एएपी) और चिल्ड्रन हास्पिटल एसोसिएशन की यह रिपोर्ट चिंता बढ़ाने वाली है। क्योंकि अमेरिका में बच्चों के कोरोना पॉजिटिव मामलों में लगातार छटी बार वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जब से देश में कोरोना ने कहर बरपाना शुरू किया है तब से करीब 1.3 करोड़ बच्चों का कोरोना टेस्ट किया गया है। जिनमें से बीते चार सप्ताह में करीब 316,000 बच्चों का टेस्ट पॉजिटिव आया है।
फाइजर का दावा- पांच साल से कम उम्र के बच्चों को तीन खुराक देना जरूरी
वैक्सीनमेकर कंपनी फाइजर ने दावा किया है कि उनके द्वारा तैयार की गई वैक्सीन की तीन खुराक बच्चों को सुरक्षा प्रदान करेंगी। अमेरिका में कोरोना के बढ़ते मामले देखते हुए लोग अपने बच्चों को दल्द से दल्द वैक्सीन दिलवाना चाहते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने सोमवार को बताया कि पांच से कम उम्र के नन्हें बच्चों को कोरोना वैक्सीन फाइजर की तीन खुराक देना जरूरी है। इससे उन्हें सुरक्षा प्रदान होगी। एक ट्रायल में भी यह बात सामने आई है। जिसमें पांच साल से कम उम्र के बच्चों को तीन खुराक दी। जिसके बाद कमाल हो गया। बच्चों में वायरस से लड़ने एंटीबॉडी आ गई। फाइजर इस सप्ताह के बाद अमेरिकी नियामकों डेटा देने की तैयारी में है।
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में फिलहाल पांच साल से कम उम्रे के 18 मिलियन ऐसे बच्चे हैं जिन्हें वैक्सीन लगाई जा सकती है। पिछले साल नवंबर में 5 से 11 साल के बच्चों के लिए फाइजर की कोरोना वैक्सीन आई थी। तब से अब तक 30 फीसद के करीब ही वैक्सीन लगाई गई है।
फाइजर ने पहले कहा था कि 6 माह से चार साल के बच्चों को कोरोना के कहर से बचाने के लिए वैक्सीन का दसवां हिस्सा देना है। लेकिन जब बाद में ट्रायल किया तो सामने आया कि बच्चों को वैक्सीन की दो खुराक के बजाय तीन खुराक देना जरूरी है। ट्रायल में करीब 1,600 युवाओं को शामिल किया गया था। इसमें आने वाले बच्चों की उम्र 6 माह से चार साल तक थी।