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Earthquake: इथियोपिया में भूकंप के झटकों से कांपी धरती, रिक्टर स्केल पर 5.5 रही तीव्रता

Sat, 04 Jan 2025 06:28 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, अदीस अबाबा (इथियोपिया)

सार

यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने बताया कि भूकंप का केंद्र अदीस अबाबा में पृथ्वी की सतह से 10 किमी (6.21 मील) की गहराई पर था। इससे पहले दिन में, अनादोलु अजांसी ने इथियोपिया के केंद्रीय माउंट डोफन में ज्वालामुखी विस्फोट की सूचना दी। 
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इथियोपिया में महसूस हुए भूकंप के झटके - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इथियोपिया में शुक्रवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 रही। यूरोपीय-भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने इस बारे में जानकारी दी। ईएमएससी ने बताया कि भूकंप का केंद्र अदीस अबाबा में पृथ्वी की सतह से 10 किमी (6.21 मील) की गहराई पर था। इससे एक दिन पहले, चिली में कैलामा के पास एंटोफगास्टा क्षेत्र में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था। 

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इससे पहले दिन में, अनादोलु अजांसी ने इथियोपिया के केंद्रीय माउंट डोफन में ज्वालामुखी विस्फोट की सूचना दी। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस क्षेत्र में हाल में लगातार छोटे-छोटे झटके महसूस किए गए हैं, जिससे संभावित बड़े खतरे की चिंता बढ़ गई है। यह चिंता विशेष रूप से अवाश फेंटाले क्षेत्र में है, जो अदीस अबाबा से लगभग 230 किलोमीटर (142 मील) दूर है। 

हाल के हफ्तों में एक दर्जन से अधिक छोटे भूकंप आए
हाल के हफ्तों में, इस क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक छोटे भूकंप आए हैं, जिससे निवासियों में डर बढ़ गया है। 

भूकंप के झटके अभी भी जारी: अब्दु अली
क्षेत्रीय प्रशासक अब्दु अली ने बताया कि अधिकारी हताहतों की संख्या को कम करने के लिए जोखिम वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भूकंप के झटके अभी भी जारी हैं और अधिक शक्तिशाली होते जा रहे हैं, जिसमें सबसे हालिया झटके रात में अदीस अबाबा में महसूस किए गए।
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कैसे आता है भूकंप?
भूकंप के आने की मुख्य वजह धरती के अंदर प्लेटों का टकराना है। धरती के भीतर सात प्लेट्स होती हैं जो लगातार घूमती रहती हैं। जब ये प्लेटें किसी जगह पर आपस में टकराती हैं, तो वहां फॉल्ट लाइन जोन बन जाता है और सतह के कोने मुड़ जाते हैं। सतह के कोने मुड़ने की वजह से वहां दबाव बनता है और प्लेट्स टूटने लगती हैं। इन प्लेट्स के टूटने से अंदर की एनर्जी बाहर आने का रास्ता खोजती है, जिसकी वजह से धरती हिलती है और हम इसे भूकंप मानते हैं।

भूकंप की तीव्रता 
रिक्टर स्केल पर 2.0 से कम तीव्रता वाले भूकंप को माइक्रो कैटेगरी में रखा जाता है और यह भूकंप महसूस नहीं किए जाते। रिक्टर स्केल पर माइक्रो कैटेगरी के 8,000 भूकंप दुनियाभर में रोजाना दर्ज किए जाते हैं। इसी तरह 2.0 से 2.9 तीव्रता वाले भूकंप को माइनर कैटेगरी में रखा जाता है। ऐसे 1,000 भूकंप प्रतिदिन आते हैं इसे भी सामान्य तौर पर हम महसूस नहीं करते। वेरी लाइट कैटेगरी के भूकंप 3.0 से 3.9 तीव्रता वाले होते हैं, जो एक साल में 49,000 बार दर्ज किए जाते हैं। इन्हें महसूस तो किया जाता है लेकिन शायद ही इनसे कोई नुकसान पहुंचता है।

लाइट कैटेगरी के भूकंप 4.0 से 4.9 तीव्रता वाले होते हैं जो पूरी दुनिया में एक साल में करीब 6,200 बार रिक्टर स्केल पर दर्ज किए जाते हैं। इन झटकों को महसूस किया जाता है और इनसे घर के सामान हिलते नजर आते हैं। हालांकि इनसे न के बराबर ही नुकसान होता है।
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