नासा के चंद्रमा की परिक्रमा करने वाले अंतरिक्षयान ने उस स्थान को ढूंढ लिया है, जहां इस्रायल का अंतरिक्षयान बेरेशीट 11 अप्रैल को क्रैश हो गया था। इस्रायल के मिशन का उद्देश्य चंद्रमा की तस्वीरें लेना और वहां प्रयोग करना था। इस्रायल चांद पर पहुंच कर ऐसा करने वाला चौथा देश बनने की उम्मीद में था।
अंतरिक्षयान अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य में स्थित केप केनेवरल एयर फोर्स स्टेशन से प्रक्षेपित किया गया था। यह 'स्पेसआईएल' और 'इस्रायल अंतरिक्ष एजेंसी' की संयुक्त भागीदारी से शुरू किया गया प्रोजेक्ट था, जिस पर 100 मिलियन डॉलर की लागत आई थी।
नासा ने एक बयान में कहा है, 22 अप्रैल को नासा के लूनर रेकॉन्सेन्स ऑर्बिटर (एलआरओ) ने लैंडिंग साइट पर इस्रायल की अंतरिक्ष यान बेरेशीट के क्रैश होने वाले स्थान की तस्वीर ली। एलआरओ ने सतह से 90 किमी सर्फेस से ये तस्वीर ली है। नासा ने इस तस्वीर को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर भी किया है।
जब मिशन समाप्त हुआ
इस्रायल में मिशन असफल होने पर कमांड सेंटर में तनाव था। अंतरिक्षयान से संपर्क नहीं हो पा रहा था। फिर इस्रायली एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के अंतरिक्ष विभाग के प्रमुख ने घोषणा की कि अंतरिक्ष यान में खराबी आ गई है। उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से हम चांद की सतह पर सफलतापूर्वक उतरने में कामयाब नहीं हो सके हैं।"
उन्होंने बताया था, "हम इंजन को स्टार्ट करने के लिए अंतरिक्ष यान को रीसेट कर रहे हैं।" कुछ सेकेंड के बाद इंजन स्टार्ट हो गया तो कमांड सेंटर में मौजूद लोगों ने तालियों से इसका स्वागत किया लेकिन कुछ ही पल बाद अंतरिक्ष यान से संपर्क टूट गया। इसके साथ ही यह मिशन समाप्त हो गया।