ब्रिटेन में एक 28 साल का भारतीय व्यक्ति करीब 18 महीने से एक महिला का पीछा कर रहा था। जबकि महिला महज एक बार लंदन की दुकान में उससे मिली थी। अब व्यक्ति को 29 महीने की जेल हुई है।
आरोपी रोहित शर्मा को लंदन के आइलवर्थ क्राउन कोर्ट में बुधवार को महिला का पीछा करने, उत्पीड़न करने और कोर्ट में पेश ना होने का दोषी पाया गया। शर्मा को सजा पूरी होने के बाद भारत भेज दिया जाएगा।
यहां पुलिस के डिटेक्टिव कॉन्सटेबल निकोला केरी का कहना है, "पीछा करने और उत्पीड़न करने से पीड़ित के जीवन पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे पीड़ित को असुरक्षा महसूस होती है और वह काफी परेशान हो जाता है।"
क्या कहती है पीड़िता?
पीड़िता का कहना है कि शर्मा लगातार उसका पीछा करता था। वह दिन में कम से कम 40 बार उसे फोन करता था। उसके पास 15 अलग-अलग नंबर थे। जिसके चलते उसे ब्लॉक करने का भी कोई फायदा नहीं रहता था। वह अपने दोस्त और रिश्तेदारों से भी फोन करवाता था।
जब महिला के साथ ये सब शुरू हुआ तब उसकी उम्र 20 साल के करीब थी। महिला लंदन की एक दुकान में काम करती थी। शर्मा 2017 में उस दुकान पर उससे मिला था। उसकी पीड़िता से बात हुई। फिर उसी दिन शर्मा अपने पिता के साथ दुकान पर पहुंच गया और शादी की बात करने लगा।
पुलिस ने बताया कि करीब चार दिन बाद परेशान होकर पीड़िता ने नौकरी बदल दी। लेकिन शर्मा ने पता लगा लिया कि वो कहां काम करती है, साथ ही उसका फोन नंबर भी क्या है। वह सोशल मीडिया पर मैसेज करता था और टेक्सट मैसेज भी करता था। पीड़िता ने फरवरी, 2018 में मामले की शिकायत की, जिसके बाद शर्मा को चेतावनी जारी की गई।
हालांकि शर्मा नहीं माना और उसने पीछा करना जारी रखा। जुलाई 2018 में महिला का उत्पीड़न करने के आरोप में शर्मा को जेल भी हुई लेकिन बाद में वो जमानत पर बाहर आ गया। वो नवंबर 2018 में कोर्ट में हुई सुनवाई में भी नहीं पहुंचा। जिसके बाद अप्रैल 2019 को उसे गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ सबूतों की भी कोई कमी नहीं थी।
मामले के एक गवाह का कहना है कि पीड़ित महिला आत्मविश्वास से भरी थी। लेकिन उसके साथ जो कुछ भी शर्मा ने किया, उससे वो काफी डर गई। इससे उसके जीवन पर भी बहुत प्रभाव पड़ा। वहीं पीड़िता का कहना है कि आरोपी को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जिससे वो कभी किसी के साथ ऐसा ना कर सके। कोर्ट ने शर्मा को पीछा करने के चलते 22 महीने, उत्पीड़न करने पर छह महीने और कोर्ट में पेश ना होने पर एक महीने की सजा सुनाई है।