पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ईशनिंदा के एक आरोपी के शव को गुस्साई भीड़ ने परिजनों ने छीनकर आग के हवाले कर दिया। आरोपी की पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। परिजन जब शव को दफनाने जा रहे थे तो आक्रोशित भीड़ ने घटना को अंजाम दिया।
फेसबुक पर ईशनिंदा से जुड़ी पोस्ट करने के बाद उमरकोट में एक मस्जिद के मौलवी साबिर सूमरो ने डॉ. शाहनवाज कंबर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद डॉ. शाहनवाज कंबर कराची से लगभग 250 किमी उत्तर पूर्व में मीरपुरखास के पास भाग गए थे। इस दौरान उनके क्लीनिक पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। इसके बाद एक होटल से डॉ. शाहनवाज कंबर ने वीडियो पोस्ट किया था। इसमें दावा किया गया था कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया है और वह ईशनिंदा सामग्री साझा नहीं कर सकते।
इसके बाद सिंध में एक पुलिस मुठभेड़ में आरोपी डॉ. शाहनवाज कंबर की मौत हो गई। पुलिस ने दावा किया था कि आत्मसमर्पण करने से इनकार करने और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश करने के साथ डॉक्टर ने अपने साथियों के साथ मिलकर पुलिस पर गोलियां चलाईं। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में डॉक्टर की मौत हो गई। जबकि उसका साथी फरार हो गया।
पुलिस ने शव को परिवार को सौंप दिया। स्थानीय पुलिस अधिकारी शकूर रशीद ने कहा कि परिवार शव को दफनाने के लिए पैतृक गांव जनहेरो ले आया था, लेकिन वहां भीड़ जमा हो गई और उनसे शव मांगने लगी। रशीद ने बताया कि भीड़ द्वारा खदेड़े जाने पर परिवार के सदस्य बिना दफनाए अपनी जान बचाकर भाग निकले। भीड़ को पीछे छूटी एक करों में शव मिला और उन्होंने उसे आग लगा दी। आरोपी के तीन बेटे, एक बेटी और उसकी विधवा है।