ब्रिटेन के साउथैम्पटन से न्यूयॉर्क सिटी के लिए अपनी यात्रा पर 10 अप्रैल 1912 को टाइटैनिक जहाज सफर पर निकला था और चार दिनों के बाद 14 अप्रैल 1912 की आधी रात एक आइसबर्ग से टकराकर यह जहाज उत्तरी अटलांटिक महासागर में डूब गया था। अब इसी के आसपास एक पनडुब्बी के लापता होने की खबर सामने आई है।
नामीबिया से चीता लाने में भारत का सहयोग करने वाले हामिश हार्डिंग
इस पनडुब्बी में टाइटैनिक जहाज के अवशेष को देखने के लिए पांच सदस्यों को ले जाने की क्षमता है। इसमें सवार यात्रियों में से एक की पहचान ब्रिटिश व्यवसायी हामिश हार्डिंग (Hamish Harding) के रूप में हुई है। 58 वर्षीय हार्डिंग एक एविएटर, अंतरिक्ष पर्यटक और दुबई स्थित एक्शन एविएशन (Action Aviation) के अध्यक्ष हैं। हार्डिंग ने रविवार को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा था कि उन्हें टाइटैनिक के नीचे जाने वाले मिशन विशेषज्ञ के रूप में उनके आरएमएस टाइटैनिक मिशन के ओशनगेट (OceanGate) अभियान में शामिल होने पर गर्व है। हामिश हार्डिंग वही शख्स हैं जिन्होंने नामीबिया से चीता लाने की परियोजना में भारत सरकार के साथ सहयोग किया था। हार्डिंग को दुनिया भर में उनके खोजपूर्ण अभियानों के लिए जाना जाता है।
मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अन्य पर्यटक ब्रिटिश-पाकिस्तानी व्यवसायी शहजादा दाऊद (Shahzada Dawood) और उनका बेटा सुलेमान है। मीडिया में उनके परिवार के हवाले से कहा गया है कि "हम अपने सहयोगियों और दोस्तों द्वारा की जा रही चिंता के लिए बहुत आभारी हैं और सभी से उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना करने का अनुरोध करना चाहते हैं।" शहजादा दाऊद पाकिस्तान के सबसे बड़े समूहों में से एक एंग्रो कॉर्पोरेशन का उपाध्यक्ष हैं, जिनका उर्वरक, वाहन निर्माण, ऊर्जा और डिजिटल तकनीकों में निवेश है। कैलिफोर्निया स्थित शोध संस्थान SETI, जिसके वह ट्रस्टी हैं, की वेबसाइट के अनुसार वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ ब्रिटेन में रहते हैं।
ओशनगेट के संस्थापक और सीईओ स्टॉकटन रश और फ्रांसीसी पायलट पॉल-हेनरी नार्गोलेट
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, ओशनगेट के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) स्टॉकटन रश (Stockton Rush) और फ्रांसीसी पायलट पॉल-हेनरी नार्गोलेट भी इस पनडुब्बी में सवार हैं।
पनडुब्बी का वजन 10,432 किलोग्राम है और कंपनी की वेबसाइट के अनुसार, यह 13,100 फीट की गहराई तक जा सकता है।