संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने शनिवार को चेतावनी दी है कि लेबनान की दक्षिण सीमा पर गलत आकलन करना बहुत घातक हो सकता है। जिससे हिजबुल्ला और इस्राइल सेना के बीच भयंकर युद्ध की संभावना है। लेबनान के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष समन्वयक जीनिन हेनिस-प्लास्चर्ट और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के प्रमुख अरोल्डो लाजारो ने कहा कि वे लेबनान की सीमा पर को लेकर काफी चिंतिंत हैं।
ईरान समर्थित हिजबुल्ला ने पिछले सप्ताह रॉकेटों और ड्रोनों से कापी बमबारी की। गाजा में युद्ध के अलावा हिजबुल्ला पिछले आठ महीनों में हिजबुल्लाह गाजा युद्ध के साथ ही इस्राइली सेना के साथ गोलाबारी कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के दोनों अधिकारियों ने शनिवार को एक लिखित बयान में कहा, "गलत अनुमान के कारण अचानक और व्यापक संघर्ष होने का खतरा बहुत ज्यादा है।"
अमेरिका और फ्रांस की बातचीत से नहीं निकल सका है समाधान
संयुक्त राज्य अमेरिका और फ्रांस लेबनान की दक्षिणी सीमा पर लड़ाई खत्म करने के लिए लगातार बात कर रहे हैं। लेकिन हिजबुल्ला का कहना है कि जब तक इस्राइल सेना गाजा से वापस नहीं जाती है, वो गोलीबारी बंद नहीं करेगा।
इस्राइल और हमास के बीच आठ महीनों से भीषण जंग
इस्राइल और हमास के बीच बीते आठ महीनों से भीषण जंग जारी है। युद्ध विराम के तमाम प्रयास नाकाम साबित हो रहे हैं। इस बीच, दक्षिण गाजा में इस्राइली रक्षा बलों (आईडीएफ) पर सबसे बड़ा हमला हुआ। इस हमले में आईडीएफ के आठ जवानों के मारे जाने की खबर है। दूसरी ओर, आईडीएफ ने राफा में और उसके आसपास कई इलाकों में हमले किए। जिसमें कम से कम 19 फलस्तीनी मारे गए।
वहीं, इस्लामिक जिहाद की सशस्त्र शाखा अल-कुद्स ब्रिगेड ने कहा कि इस्राइल गाजा से अपने बंधकों को तभी ले जा सकता है, जब वह युद्ध को खत्म करे और गाजा पट्टी से अपने बलों को हटाए। अल-कुद्स ब्रिगेड के एक प्रवक्ता ने टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में यह टिप्पणी की। इस्लामिक जिहाद हमास का सहयोगी, जिसने सात अक्तूबर को दक्षिण इस्राइल में हमले का नेतृत्व किया था, जिसमें 12,00 इस्राइली मारे गए थे और 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया गया था।