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रूस-यूक्रेन संकट: दोनों देशों के बीच विवाद को लेकर हुए मिंस्क समझौते क्या हैं, समझिए विस्तार से

Tue, 22 Feb 2022 09:20 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रूस ने क्रीमिया प्रायद्वीप पर कब्जा कर लिया है, यूक्रेन के डोनबास क्षेत्र में अलगाववादी युद्ध को हवा दी है और अब इस क्षेत्र के डोनेत्स्क और लुहांस्क को स्वतंत्र देश घोषित कर दिया है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
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अमेरिका ने रूस को यूक्रेन पर हमला न करने की चेतावनी दी है और दोनों देशों से अनुरोध किया है कि पूर्वी यूक्रेन में रूसी वक्ताओं की ओर से अलगाववादी युद्ध को समाप्त करने के लिए बनाए गए समझौतों पर वापस लौटें। ये समझौते मिंस्क में किए गए थे इसलिए इन्हें मिंस्क समझौते भी कहा जाता है। इनमें से एक पर 2014 में और दूसरे पर 2015 में हस्ताक्षर किए गए थे। 

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यूक्रेन और रूस समर्थित अलगाववादी साल 2014 में बेलारूस की राजधानी मिंस्क में एक 12 बिंदु वाले संघर्ष विराम समझौते पर सहमत हुए थे। इसके प्रावधानों में कैदी हस्तांतरण, मानवीय मदद उपलब्ध कराना और भारी हथियारों की वापसी शामिल थे। लेकिन इस समझौते का दोनों ही पक्षों की ओर से जल्द ही उल्लंघन देखने को मिला था।

अगले साल हुआ दूसरा समझौता
इसके बाद फरवरी 2015 में रूस, यूक्रेन ऑर्गेनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड कोऑपरेशन इन यूरोप (ओसीएसई) के प्रतिनिधि और रूस समर्थित दो अलगाववादी क्षेत्रों के नेता मिले थे। यहां 13 बिंदुओं वाले एक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसके साथ ही मिंस्क में फ्रांस, जर्मनी, रूस और यूक्रेन के नेता समझौते के लिए सहयोग की घोषणा के लिए एकत्र हुए थे।
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इसमें सैन्य और राजनीतिक कदम निर्धारित किए गए थे जो अभी तक लागू नहीं हुए हैं। इसमें एक बड़ी रुकावट रूस का रुख रहा है कि वह संघर्ष का पक्ष नहीं है और इसलिए शर्तों से बाध्य नहीं है। उदाहरण के तौर पर समझौते का 10वां बिंदु यह कहता है कि विवादित क्षेत्रों डोनेत्स्क और लुहांस्क से सभी विदेशी सशस्त्र संरचनाओं और सैन्य उपकरणों को वापस लिया जाए। 

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मिंस्क समझौते के ये हैं 13 बिंदु
  • एक तत्काल और व्यापक युद्धविराम।
  • दोनों पक्षों की ओर से भारी हथियारों की वापसी।
  • ओएससीई की ओर से निगरानी और पुष्टि।
  • यूक्रेन के कानून के अनुसार दोनों क्षेत्रों में अंतरिम स्वशासन और उनकी विशेष स्थिति स्वीकार करने के लिए बातचीत की शुरुआत।
  • लड़ाई में शामिल लोगों के लिए क्षमा।
  • बंधकों और कैदियों का आदान-प्रदान।
  • मानवीय सहायता के लिए प्रावधान।
  • पेंशन सहित सामाजिक-आर्थिक संबंधों की बहाली।
  • यूक्रेन की सरकार द्वारा राज्य की सीमा पर पूर्ण नियंत्रण की बहाली।
  • सभी विदेशी सशस्त्र संरचनाओं, सैन्य उपकरणों और भाड़े के सैनिकों की वापसी।
  • डोनेत्स्क और लुहांस्क के विशिष्ट उल्लेख के साथ विकेंद्रीकरण समेत यूक्रेन में संवैधानिक सुधार।
  • डोनेत्स्क और लुहांस्क में उनके प्रतिनिधियों के साथ सहमति की शर्त पर चुनाव।
  • रूस, यूक्रेन और ओएससीई के प्रतिनिधियों वाले त्रिपक्षीय संपर्क समूह के काम को तेज करना।
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