अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में बीते बुधवार को एक कैथोलिक चर्च में हुई गोलीकांड को लेकर अब नए नए खुलासे हो रहे है। बताया जा रहा है कि हमलावर 23 वर्षीय रॉबिन वेस्टमैन ने 116 राइफल गोलियां चलाकर दो स्कूली बच्चों की जान ले ली और 15 से ज्यादा बच्चों को घायल कर दिया। मामले में पुलिस के अनुसार वेस्टमैन खुद भी घोषणा कैथोलिक स्कूल का पूर्व छात्र था और उसकी मां चर्च में 2021 तक नौकरी कर चुकी थीं। हमला उसने स्टेन ग्लास खिड़कियों से गोलियां चलाकर किया। उसके पास राइफल, शॉटगन और पिस्तौल थे। हालांकि मामले में चौकाने बात ये रही कि हमालवर ने बाद में स्वयं को भी गोलीमार ली।
पुलिस प्रमुख ने शूटर के मकसद पर दिया जोर
मामले में पुलिस प्रमुख ब्रायन ओ'हारा ने बताया कि वेस्टमैन ने स्कूल में पहले सप्ताह के दौरान मास के समय रंगीन शीशे की खिड़कियों पर 116 राइफल राउंड फायर किए। उन्होंने कहा कि शूटर का मकसद मासूम बच्चों को डराना और नुकसान पहुंचाना था। इसके साथ ही अमेरिकी अटॉर्नी जो थॉम्पसन ने बताया कि वेस्टमैन के वीडियो और लेखों से पता चला कि वह लगभग हर समूह से नफरत करता था, सिवाय सामूहिक हत्यारों के। पुलिस को चर्च और तीन घरों से सैकड़ों सबूत मिले, लेकिन हमले का कोई स्पष्ट कारण नहीं मिला।
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जांच के दौरान पुलिस को मिले सैकड़ों सबूत
इस गोलीकांड के बाद अमेरिका भर में डर का माहौल बना हुआ है। ऐसे में पुलिस को वेस्टमैन के घर और चर्च से सैकड़ों सबूत मिले हैं, जिनमें कई वीडियो और पन्नों की लिखावटें शामिल हैं। इन दस्तावेजों में उसने लगभग हर वर्ग से नफरत जताई है, सिवाय सामूहिक हमलावरों के। एक नोट में लिखा था कि मुझे पता है ये गलत है, लेकिन खुद को रोक नहीं पा रहा हूं। साथ ही एक नोट में 'डोनाल्ड ट्रंप को मार डालो' और 'भारत पर परमाणु बम गिराओ' जैसी बाते भी लिखी थी। उसके यूट्यूब चैनल पर हथियारों और गोला-बारूद के वीडियो मिले हैं, साथ ही मशहूर हमलावरों के नाम भी दर्ज थे। एक सुसाइड नोट में उसने लंबे समय से इस हमले की योजना बनाने और गहरे अवसाद में होने की बात स्वीकारी।
हमलावर के नोट में दिखी उसकी क्रूर सोच
इतना ही नहीं 'रॉबिन डब्ल्यू' नाम के एक यूट्यूब चैनल पर कम से कम दो वीडियो पोस्ट किए गए थे, इससे पहले कि साइट एडमिनिस्ट्रेटर की ओर से चैनल को बंद कर दिया गया। लगभग 10 मिनट लंबे और मोबाइल फोन से शूट किए गए एक वीडियो में हथियारों, गोला-बारूद और भरी हुई मैगजीन का जखीरा दिखाया गया। मैगजीनों पर 'डोनाल्ड ट्रंप को मार डालो', 'ट्रंप को अभी मार डालो', 'इस्राइल को हारना चाहिए' और 'इज्राइल को जलाकर राख कर दो' लिखा हुआ था। एक हथियार पर 'भारत पर परमाणु हमला' भी लिखा हुआ था।
वीडियो और मैगजीनों पर घातक संदेश
इसके साथ ही मैगजीनों पर 'तुम्हारा ईश्वर कहां है?' और 'बच्चों के लिए' भी लिखा हुआ था। इसमें एक पर पहले स्कूलों पर गोलीबारी कर चुके शूटरों के नाम और कुछ संदेश लिखे हुए थे। वीडियो में एक समय पर उस व्यक्ति ने एक छोटी बंदूक भी निकाली और कहा, 'यह मेरे लिए है। अगर मुझे इसकी जरूरत पड़े तो।' वीडियो में उस व्यक्ति के परिवार को लिखा एक पत्र भी दिखाया गया, जिसमें गोलीबारी से उनके लिए क्या मायने होंगे? इसके लिए माफी मांगी गई है।
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एफबीआई ने बताया घरेलू आतंकवाद
वहीं इस मामले में एफबीआई ने भी एक अहम और सख्त टिप्पणी की है। एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने इस घटना को घरेलू आतंकवाद बताया, जिसमें हमलावर की सोच धार्मिक घृणा और राजनीतिक हिंसा से प्रेरित थी। ध्यान रहे कि इस भयावह गोलीबारी में आठ और दस साल के दो बच्चों की मौत हो गई। 15 घायल बच्चे 6 से 15 साल की उम्र के हैं। इसके साथ ही तीन बुजुर्ग श्रद्धालु भी घायल हुए हैं। एक बच्चा अब भी गंभीर हालत में है, जबकि 11 अन्य अस्पताल में भर्ती हैं।