अमेरिका में लाखों लोग मंगलवार को 47वें राष्ट्रपति का चुनाव करने के लिए मतदान केंद्रों की ओर पहुंच रहे हैं। इस चुनाव में रिपब्लिकन नेता डोनाल्ड ट्रंप का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार कमला हैरिस से है। इसे दशकों में सबसे महत्वपूर्ण चुनाव माना जा रहा है।
पेंसिल्वेनिया में कमला हैरिस को बढ़त
पिछले कुछ हफ्तों से यह चुनाव काफी करीबी रहा है, और चुनाव पूर्वानुमानों में उपराष्ट्रपति हैरिस को पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के मुकाबले कुछ महत्वपूर्ण राज्यों जैसे पेंसिल्वेनिया में बढ़त मिली हुई है। कमला हैरिस ने अपने चुनावी वादों में मध्यम वर्ग का समर्थन करने, 100 मिलियन से अधिक अमेरिकियों के लिए कर कटौती, सस्ती आवास व्यवस्था, और महिलाओं के प्रजनन अधिकारों की सुरक्षा के लिए गर्भपात प्रतिबंध को हटाने की बात कही है।
वहीं, ट्रंप ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, ऊर्जा लागत कम करने, विदेशी वस्तुओं पर ऊंचे शुल्क लगाने और अवैध प्रवासियों को देश से निकालने का वादा किया है। चुनाव से पहले किए गए सर्वेक्षणों के अनुसार, लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दे महंगाई, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाएं और समग्र आर्थिक स्थिति हैं।
ट्रंप बोले- हारने पर चुनाव परिणाम नहीं करूंगा स्वीकार
कमला हैरिस ने अपने अंतिम अभियान में इस चुनाव को देश की मौलिक स्वतंत्रता की सुरक्षा, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा और एक 'नया' अध्याय शुरू करने के रूप में प्रस्तुत किया। वहीं, ट्रंप ने अपनी आक्रामक बयानबाजी जारी रखा और यहां तक कि संकेत दिए कि अगर वह हारते हैं तो चुनाव परिणाम को स्वीकार नहीं करेंगे। चुनाव से पहले, कमला हैरिस और डोनाल्ड ट्रंप दोनों ने नागरिकों से अपने घरों से निकलकर मतदान करने की अपील की। न्यू हैम्पशायर राज्य का डिक्सविले नॉच पहला स्थान था जहां मतदान शुरू हुआ।
'स्विंग स्टेट्स' पर टिकी सभी की निगाहें
अमेरिका में 50 राज्य हैं और अधिकांश राज्य हर चुनाव में एक ही पार्टी को समर्थन देते हैं, लेकिन कुछ 'स्विंग स्टेट्स' चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं। कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं, जिसमें से 270 या उससे अधिक वोट पाने वाले उम्मीदवार को विजेता घोषित किया जाता है। अगर दोनों उम्मीदवार अपने-अपने परंपरागत समर्थक राज्यों में जीत दर्ज करते हैं, तो कमला हैरिस को जीत के लिए 44 वोट और ट्रंप को 51 वोट की आवश्यकता होगी। ऐसे में 93 'स्विंग स्टेट्स' के वोट अगले राष्ट्रपति का फैसला करेंगे। अगर कमला हैरिस चुनाव जीतती हैं, तो वह अमेरिका की पहली महिला, पहली अश्वेत महिला और दक्षिण एशियाई मूल की पहली व्यक्ति बनकर इतिहास रचेंगी।