अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियों ने शनिवार को अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के लिए न्याय मांगते हुए पाकिस्तान पर दबाव बनाया। उन्होंने यह मांग ऐसे समय पर की है जब सिंध प्रांत की एक अदालत ने मामले के प्रमुख आरोपी और अल-कायदा नेता अहमद उमर सईद शेख की मौत की सजा को पलट दिया है।
गुरुवार को सिंध उच्च न्यायालय ने 46 वर्षीय ब्रिटिश मूल के शेख को अपहरण के आरोप में दोषी पाया और मौत की सजा को पलटते हुए सात साल जेल की सजा सुनाई। शेख 2002 में कराची में पर्ल की हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से पिछले 18 साल से जेल में बंद है।
न्यायमूर्ति मोहम्मद करीम खान आगा की अध्यक्षता वाली दो न्यायाधीशों की पीठ ने मामले में शामिल तीन अन्य लोगों- फहद नसीम, सलमान साकिब और शेख आदिल को बरी कर दिया है। इन तीनों को पहले उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। अमेरिका ने पाकिस्तानी अदालत के फैसले को हर जगह आतंकवाद के पीड़ितों के लिए अपमान करार दिया है।
पोम्पियो ने एक ट्वीट में कहा कि अमेरिका डेनियल पर्ल को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने कहा कि हम एक साहसी पत्रकार के रूप में उनकी विरासत का सम्मान करते हैं और उनकी नृशंस हत्या के लिए न्याय की मांग करते हैं। दूसरे ट्वीट में अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने भी पाकिस्तानी अदालत के फैसले की निंदा की।
2002 में हुई थी डेनियल की हत्या
डेनियल पर्ल एक अमरीकी पत्रकार थे। वॉल स्ट्रीट जर्नल के पत्रकार डेनियल पर्ल का अपहरण उस समय किया गया था जब वे साल 2002 में एक स्टोरी को लेकर कराची में थे। अपहरण के बाद उनकी हत्या कर दी गई। उनकी लाश कराची के बाहरी इलाके में मिली थी। डेनी उस व्यक्ति से मिलने के लिए कराची गए थे जो एक विद्यार्थी था और उसका दावा था कि वो शेख मोहम्मद से मिल चुका है।
वेन मैचिंग तकनीक के जरिए आरोपी की एफबीआई ने की थी पहचान
इस मामले में अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के अधिकारियों ने डेनियल पर्ल की हत्या के वीडियो में दिखाए गए हत्यारे और आधुनिकतम तकनीक से मोहम्मद की जांच की और पाया कि पर्ल को शेख मोहम्मद ने ही मारा है। इस तकनीक को वेन मैचिंग तकनीक कहा जाता है जिसके जरिए हाथ की नसों में समानता को ढूंढा जाता है। बाद में शेख मोहम्मद ने भी पर्ल की हत्या की बात स्वीकार की थी और उसे गिरफ्तार करके ग्वांटानामो बे भेज दिया गया था।