माइक्रोसॉफ्ट के प्रमुख सत्य नडेला ने बुधवार को कहा कि दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के स्वर्ण युग में प्रवेश कर रही है। उन्होंने विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक इसे रेखांकित करते हुए एक भारतीय किसान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इस किसान ने एक स्थानीय बोली जानने के बावजूद इंटरनेट के माध्यम से एक अस्पष्ट सरकारी कार्यक्रम तक पहुंच के लिए चैटजीपीटी इंटरफेस का इस्तेमाल किया।
नडेला ने कहा कि तकनीक लोगों को एक साथ लाने के ज्यादा से ज्यादा तरीके मुहैया कराएगी। चैटबॉट चैटजीपीटी एक नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साइट है, जिसके हाल ही में लॉन्च होने के बाद केवल पांच दिनों में 10 लाख उपयोगकर्ता हो गए हैं। यह विभिन्न विषयों पर संक्षिप्त संकेतों के जरिये जटिल प्रश्नों का उत्तर देता है।
क्या है चैट जीपीटी
चैट जीपीटी ओपन एआई द्वारा तैयार किया गया एक ऐसा डीप मशीन लर्निंग बेस्ड चैट बॉट है, जो आपके द्वारा पूछे गए सवालों के लगभग सटीक उत्तर देता है। यह चैट बॉट गूगल की तरह आपके सवालों के उत्तर के लिए कई सारी लिंक्स नहीं देता है। यह चैट बॉट आपको आपके सवालों के सटीक उत्तर आपके समक्ष पेश करता है। इस टूल की मदद से आप अपने लिए लीव एप्लीकेशन या किसी विषय पर अच्छे आर्टिकल लिखवा सकते हैं। इसके अलावा अपनी समस्याओं के समाधान के विषय में पूछ सकते हैं। चैट जीपीटी को 30 नवंबर के दिन लॉन्च किया गया था। लॉन्च होने के कुछ दिनों बाद ही लाखों यूजर्स इसके साथ जुड़ने लगे। गौरतलब बात है कि चीट जीपीटी अभी टेस्टिंग फेस में है। आने वाले वक्त में इसमें कई और सुधारों को अंजाम दिया जाएगा।
क्या हैं भविष्य में संभावनाएं
चैटजीपीटी की सफलता को देखते हुए संभावना यह भी व्यक्त की जा रही है कि निकट भविष्य में यह चैटबॉट गूगल को रिप्लेस कर सकता है। हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने 1 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट ओपन एआई कंपनी में किया है। ऐसे में कंपनी अपने सर्च इंजन बिंग में इस एआई का उपयोग करने को लेकर विचार कर रही है। आने वाले समय में चैटजीपीटी का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट से लेकर कई दूसरे क्षेत्रों में भी किया जाएगा।