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CAA पर बयान से मचे बवाल के बाद सत्या नडेला बोले-प्रत्येक देश को अपनी सीमाएं निर्धारित करने का हक

Tue, 14 Jan 2020 05:39 PM IST
योगेश साहू वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क

सार

  • नागरिकता कानून को लेकर पूरे देश में जारी है विरोध प्रदर्शन
  • माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्य नडेला ने कानून को लेकर रखी अपनी राय
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विस्तार
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नागरिकता संशोधन कानून सीएए को लेकर भारत में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का एक बयान सुर्खियां बटोर रहा है। बजफीड के संपादक बेन स्मिथ ने एक ट्वीट कर दावा किया कि उनसे खास बातचीत में नडेला ने कहा कि सीएए को लेकर जो हो रहा है, वह दुखद है। 

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मगर इसके कुछ घंटों के बाद ही माइक्रोसॉफ्ट ने सत्या नडेला का बयान पोस्ट किया। इस पोस्ट में कहा गया है कि प्रत्येक देश को अपनी सीमाएं निर्धारित करने, राष्ट्रीय सुरक्षा करने और इमिग्रेशन पॉलिसी बनाने का अधिकार है। जबकि इससे पहले बेन स्मिथ ने अपने ट्वीट में दावा किया था कि भारत में सीएए को लेकर मौजूदा स्थिति से वह दुखी हैं। कहा जा रहा है कि कि माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ नडेला ने यह बातें मैनहट्टन में एक कार्यक्रम में कहीं।

बेन स्मिथ के ट्वीट  

बजफीड के संपादक बेन स्मिथ ने तीन ट्वीट किए, जिनमें से एक में उन्होंने सत्या नडेला से पूछे गए सवाल और उनके जवाबों को साझा किया। इसके मुताबिक बेन स्मिथ ने भारत में नागरिकता संशोधन कानून पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही। इस पर नडेला ने कहा, 'मुझे लगता है जो हो रहा है वह दुखद है।' 

उन्होंने आगे यह भी कहा, 'मुझे अच्छा लगेगा अगर कोई बांग्लादेशी अप्रवासी भारत में इन्फोसिस का सीईओ बनता है। यह प्रेरणा की बात होनी चाहिए। अगर मैं खुद को शीशे में देखूं तो अमेरिका में जो मेरे साथ हुआ वही भारत में भी होना चाहिए।'

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सत्या नडेला ने आगे कहा, 'मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी भी देश को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं होनी चाहिए, सीमाएं नहीं होनी चाहिए। शरणार्थियों की समस्या यूरोप में भी है और भारत में भी। मगर इनसे निपटने का तरीका ज्यादा संवेदनशील होना चाहिए।'

विवाद के बाद नडेला का बयान : 

बेन स्मिथ के ट्वीट के बाद नडेला की ओर से माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने बयान जारी किया। इस बयान में सत्या नडेला ने कहा, 'प्रत्येक देश को अपनी सीमाओं को पारिभाषित करने, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और आव्रजन नीति निर्धारित करने का अधिकार है। लोकतंत्र में यह सब जनता और सरकार के बीच बहस से पारिभाषित होता है।'
 

सत्या नडेला ने आगे कहा, 'मैं भारतीय संस्कृति के साथ रहा हूं और बहु संस्कृति के साथ पला हूं। इसके अलावा एक अप्रवासी के तौर पर अमेरिका का अनुभव भी मेरे पास है। मुझे ऐसे भारत की उम्मीद है, जहां अप्रवासियों को एक खुशहाल शुरुआत मिल सके या वह बहुराष्ट्रीय समाज का नेतृत्व कर सके और अर्थव्यवस्था में योगदान दे।'

सोशल मीडिया पर वायरल : 

 

प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने उनके बयान पर ट्वीट किया, 'नडेला ने जो कहा है, उससे खुशी मिली है। मेरी इच्छा थी कि हमारे अपने भारतीय आईटी कंपनियों के प्रमुख भी ऐसा साहस और बुद्धिमता दिखाते। वे अब भी ऐसा कर सकते हैं।'



हालांकि इंफोसिस के पूर्व निदेशक मोहन दास पई ने सत्या नडेला के बयान को कंफ्यूजन भरा बताया है। उन्होंने सत्या नडेला को नागरिकता संशोधन कानून को पढ़ने की सलाह देते हुए कहा है कि कमेंट करने से पहले कानून पढ़ना चाहिए।


 

नागरिकता कानून देश में लागू

नागरिकता कानून 2019, 10 जनवरी से पूरे देश में लागू हो गया है। केंद्र सरकार ने इसे लेकर अधिसूचना भी जारी कर दी है। देश में कई जगहों पर नागरिकता संशोधन कानून को लेकर विरोध प्रदर्शन देखने को मिला है। इस कानून को लेकर देश के कई इलाकों में हिंसा की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिनकी जांच जारी है। 
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