नागरिकता संशोधन कानून सीएए को लेकर भारत में जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला का एक बयान सुर्खियां बटोर रहा है। बजफीड के संपादक बेन स्मिथ ने एक ट्वीट कर दावा किया कि उनसे खास बातचीत में नडेला ने कहा कि सीएए को लेकर जो हो रहा है, वह दुखद है।
बजफीड के संपादक बेन स्मिथ ने तीन ट्वीट किए, जिनमें से एक में उन्होंने सत्या नडेला से पूछे गए सवाल और उनके जवाबों को साझा किया। इसके मुताबिक बेन स्मिथ ने भारत में नागरिकता संशोधन कानून पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही। इस पर नडेला ने कहा, 'मुझे लगता है जो हो रहा है वह दुखद है।'
उन्होंने आगे यह भी कहा, 'मुझे अच्छा लगेगा अगर कोई बांग्लादेशी अप्रवासी भारत में इन्फोसिस का सीईओ बनता है। यह प्रेरणा की बात होनी चाहिए। अगर मैं खुद को शीशे में देखूं तो अमेरिका में जो मेरे साथ हुआ वही भारत में भी होना चाहिए।'
बेन स्मिथ के ट्वीट के बाद नडेला की ओर से माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने बयान जारी किया। इस बयान में सत्या नडेला ने कहा, 'प्रत्येक देश को अपनी सीमाओं को पारिभाषित करने, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और आव्रजन नीति निर्धारित करने का अधिकार है। लोकतंत्र में यह सब जनता और सरकार के बीच बहस से पारिभाषित होता है।'
सत्या नडेला ने आगे कहा, 'मैं भारतीय संस्कृति के साथ रहा हूं और बहु संस्कृति के साथ पला हूं। इसके अलावा एक अप्रवासी के तौर पर अमेरिका का अनुभव भी मेरे पास है। मुझे ऐसे भारत की उम्मीद है, जहां अप्रवासियों को एक खुशहाल शुरुआत मिल सके या वह बहुराष्ट्रीय समाज का नेतृत्व कर सके और अर्थव्यवस्था में योगदान दे।'
प्रसिद्ध इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने उनके बयान पर ट्वीट किया, 'नडेला ने जो कहा है, उससे खुशी मिली है। मेरी इच्छा थी कि हमारे अपने भारतीय आईटी कंपनियों के प्रमुख भी ऐसा साहस और बुद्धिमता दिखाते। वे अब भी ऐसा कर सकते हैं।'