अमेरिका के मिशिगन राज्य में सिनेगॉग पर हुए हमले को लेकर एक नया दावा सामने आया है। इस्राइली सेना ने रविवार को कहा कि हमलावर के भाई इब्राहिम गजाली हिजबुल्ला का कमांडर था और उसे इस महीने की शुरुआत में लेबनान में एक हवाई हमले में मार गिराया गया था। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई भी इस हमले की जांच कर रही है, लेकिन उसने इस्राइल के दावे पर फिलहाल कोई टिप्पणी करने से इनकार किया है।
लेबनान में एयरस्ट्राइक में मारा गया था हमलावर का भाई
इस्राइल के अनुसार, इब्राहिम गजाली पांच मार्च को लेबनान में हुए एक एयरस्ट्राइक में मारा गया था। इस हमले में हमलावर के परिवार के तीन अन्य सदस्य भी मारे गए थे। लेबनान के एक अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि एयरस्ट्राइक में गजाली के बच्चे अली और फातिमा तथा उसके भाई कासिम की भी मौत हो गई थी। बताया गया कि हमला उनके घर पर सूर्यास्त के तुरंत बाद हुआ था।
इस्राइली सेना का दावा है कि इब्राहिम गजाली हिजबुल्ला के उस यूनिट से जुड़ा था जो इस्राइल पर रॉकेट हमलों का संचालन करती थी और वह हथियारों के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता था।
परिवार की मौत के बाद हमले का आरोप
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, 41 वर्षीय अयमान मोहम्मद गजाली ने अपने चार रिश्तेदारों की मौत की खबर मिलने के बाद मिशिगन के डेट्रॉयट के पास स्थित एक बड़े सिनेगॉग पर हमला किया। बताया गया कि वह करीब दो घंटे तक टेम्पल इस्राइल नामक सिनेगॉग के बाहर अपनी कार में बैठा रहा। उसके पास एक राइफल, कमर्शियल ग्रेड पटाखे और पेट्रोल से भरे कंटेनर भी थे। इसके बाद उसने अपनी कार को सिनेगॉग की इमारत में घुसा दिया, जहां उस समय कई बच्चे मौजूद थे।
सुरक्षा गार्ड से हुई गोलीबारी
अधिकारियों के अनुसार, हमलावर ने कार के विंडशील्ड से गोलीबारी शुरू कर दी। सिनेगॉग के सशस्त्र सुरक्षा गार्ड ने भी जवाबी फायरिंग की। एफबीआई की डेट्रॉयट फील्ड ऑफिस की प्रमुख जेनिफर रन्यन के मुताबिक, वाहन फंस जाने और इंजन में आग लगने के बाद हमलावर ने खुद को गोली मार ली। इस घटना में सिनेगॉग के अंदर मौजूद स्टाफ या बच्चों को कोई चोट नहीं आई। अधिकारियों का मानना है कि हाल के महीनों में सुरक्षा बढ़ाए जाने के कारण बड़ा नुकसान टल गया।
एफबीआई कर रही है जांच
एफबीआई ने इस घटना को यहूदी समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा बताया है, लेकिन अभी इसे आतंकवादी हमला घोषित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। अयमान गजाली 2011 में एक अमेरिकी नागरिक से शादी के आधार पर अमेरिका आया था और 2016 में उसे अमेरिकी नागरिकता मिल गई थी। वह डेट्रॉयट के उपनगर डियरबॉर्न हाइट्स में रहता था।
उसी दिन अमेरिका में दूसरी गोलीबारी
गौरतलब है कि मिशिगन की यह घटना उसी दिन हुई जब वर्जीनिया के ओल्ड डोमिनियन यूनिवर्सिटी में एक पूर्व आर्मी नेशनल गार्ड सदस्य ने क्लासरूम में गोलीबारी कर दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग घायल हो गए।