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ब्रिटिश खुफिया एजेंसी के प्रमुख का दावा: एआई आतंकवाद का 'सुपरचार्जर', जैव हथियार व ड्रोन हमलों का खतरा बढ़ा

Thu, 15 Oct 2026 06:09 AM IST
नितिन गौतम अमर उजाला ब्यूरो

सार

ब्रिटेन की खुफिया एजेंसी एमआई5 के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि एआई से आतंकवाद को बढ़ावा मिल सकता है और आतंकी एआई की मदद से जैव और ड्रोन हमले भी कर सकते हैं। 
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साइबर अटैक - फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)
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विस्तार
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ब्रिटेन की घरेलू खुफिया एजेंसी एमआई-5 के प्रमुख सर केन मैक्कलम ने मंगलवार को एक अत्यंत गंभीर और चौंकाने वाली चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का गलत इस्तेमाल करके आतंकवादी ब्रिटेन को निशाना बनाने की साजिश रच रहे हैं। एआई तकनीक इन ताकतों के लिए ‘सुपरचार्जर’ का काम कर रही है, जिससे ड्रोन हमलों और जैव हथियारों का खतरा कई गुना बढ़ गया है।
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आतंकी हमलों में हो सकता है एआई का इस्तेमाल
यूक्रेन युद्ध के मैदान में दूर से संचालित होने वाली ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए एमआई-5 को आशंका है कि आतंकवादी समूह अब इसी तकनीक का उपयोग ब्रिटेन के भीतर हमलों को अंजाम देने के लिए कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमने ऐसे आतंकवादियों को पकड़ा है जो अपनी टोही और हमले की पद्धतियों को बेहतर बनाने के लिए एआई का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे, जिसमें एआई-सक्षम ड्रोन एक नया मोड़ जोड़ रहे हैं। सर केन ने स्वीकार किया कि अल कायदा जैसे समूह यूके में वायरस अनुसंधान और विकास के आसपास सुरक्षा में कमियों की पहचान करने के लिए भी एआई का उपयोग कर सकते हैं। 

सर केन ने चेतावनी दी है कि आतंकवादी और शत्रु देश (जैसे ईरान और रूस) नई बीमारियां फैलाने और घातक पैथोजन (सूक्ष्म जीव) तैयार करने के लिए एआई का दुरुपयोग कर सकते हैं। हालांकि इस खतरे ने अभी पूरी तरह रूप नहीं लिया है, लेकिन यह खुफिया एजेंसियों की गंभीर चिंता का विषय है। मैक्कलम ने कहा, एआई का उपयोग न केवल हमलों की टोह लेने के लिए किया जा रहा है, बल्कि यह व्यक्तियों की पसंद और प्रोफाइल के अनुसार कस्टमाइज्ड दुष्प्रचार और कट्टरपंथी सामग्री तैयार करने में  भी मददगार साबित हो रहा है।
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भू-राजनीतिक खतरे की ओर किया इशारा
वार्षिक भाषण के दौरान सर केन मैक्कलम ने अन्य बड़े सुरक्षा जोखिमों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने रूस को नंबर वन एग्रेसर करार देते हुए बताया कि ब्रिटेन और उसके सहयोगियों पर दबाव बनाने के लिए रूस लगातार आक्रामक रुख अपना रहा है। इसके अलावा, ईरान समर्थित समूहों द्वारा ब्रिटेन के सैन्य ठिकानों (जैसे ग्लूचेस्टरशायर का आरएएफ फेयरफोर्ड) को निशाना बनाने की कोशिशें भी तेज हुई हैं, जिसके चलते पिछले एक साल में 50 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। एमआई-5 चीन की तरफ से बढ़ रहे जासूसी के खतरों से भी लगातार मुकाबला कर रहा है।

तकनीकी दुरुपयोग के मामले
  • हाल ही में एंथ्रोपिक और मूनशॉट जैसी प्रमुख एआई कंपनियों की रिपोर्टों में यह सामने आया है कि हूती विद्रोहियों और अन्य आपराधिक तत्वों ने मिसाइलें, बम और घातक पैथोजन डिजाइन करने के लिए एआई मॉडल्स का दुरुपयोग करने की कोशिश की है।
  • इन उभरते खतरों से निपटने और उन पर कड़ी नजर रखने के लिए एमआई-5 के मुख्यालय ‘थामस हाउस’ के भीतर एक विशेष एआई थ्रेट असेसमेंट सेंटर स्थापित किया जा रहा है।
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