मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम
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मैक्सिको की खाड़ी को अमेरिका की खाड़ी लिखे जाने के मामले में गूगल की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। जहां मैक्सिको ने गूगल कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला गल्फ ऑफ मैक्सिको (मेक्सिको की खाड़ी) को गल्फ ऑफ अमेरिका (अमेरिका की खाड़ी) कहे जाने को लेकर है। मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबाउम ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। राष्ट्रपति शेनबाउम ने बताया कि यह नाम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश के जरिए बदला गया था। हालांकि उन्होंने मुकदमे की ज्यादा जानकारी साझा नहीं की।
बता दें कि गल्फ ऑफ मैक्सिको एक समुद्री क्षेत्र है जो अमेरिका और मैक्सिको की समुद्री सीमाओं के बीच है। अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने इस क्षेत्र का नाम बदलकर 'गल्फ ऑफ अमेरिका' कर दिया था, लेकिन यह आदेश सिर्फ अमेरिका के अंदर ही मान्य है। बाकी देश या अंतरराष्ट्रीय संगठन इसे मानने के लिए बाध्य नहीं हैं।
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मैक्सिको ने जताई थी आपत्ति
मामले में मैक्सिको का कहना है कि गल्फ ऑफ अमेरिका नाम सिर्फ उस हिस्से पर लागू होना चाहिए, जो अमेरिका के समुद्री क्षेत्र में आता है। इसके लिए मैक्सिको के विदेश मंत्रालय ने इससे पहले गूगल को कई बार पत्र लिखकर कहा था कि वह मेक्सिकन समुद्री क्षेत्र को गल्फ ऑफ मैक्सिको' न दिखाए। बता दें कि गल्फ ऑफ मैक्सिको का यह नाम पिछले 400 सालों से चला आ रहा है, जिसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकारी आदेश के जरिए इसमें बदलाव हुआ।
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गूगल ने दिया अपना स्पष्टीकरण
मैक्सिकों की आपत्ति पर फरवरी में गूगल के सरकारी मामलों और नीति प्रमुख क्रिस टर्नर ने मैक्सिको के राष्ट्रपति शेनबाउम को एक पत्र में कहा था कि कंपनी अपने पुराने नक्शा नियमों के अनुसार ही नाम दिखा रही है, और इसमें कोई बदलाव नहीं करेगी। अभी गूगल मैप्स में यह क्षेत्र अमेरिका में गल्फ ऑफ अमेरिका, मैक्सिको में गल्फ ऑफ मैक्सिको और अन्य जगहों पर गल्फ ऑफ मैक्सिको (गल्फ ऑफ अमेरिका) के रूप में दिख रहा है